आगरालीक्स…आगरा में हाइवे के जिस कट पर दो एमबीबीएस स्टूडेंटस की एक्सीडेंट में मौत हुई, वहां डिवाइडर के साथ लगे संकेतक…ऐसे ही 212 एक्सीडेंट प्वाइंट किए गए चिन्हित…
आगरा में कुछ दिन पहले आईएसबीटी से पहले खंदारी फ्लाईओवर से नीचे उतरने वाले स्थान पर दो एमबीबीएस स्टूडेंट्स की एक्सीडेंट में दर्दनाक मौत हुई थी. जिस जगह एक्सीडेंट हुआ उसका यातायात पुलिस ने निरीक्षण भी किया और एक्सीडेंट का प्वाइंट माना. इसके बाद इस कट पर बैरीकेडिंग कर दी गई है और साथ ही संकेतक भी लगा दिया गया है. कुछ इसी तरह आगरा में दुर्घटना मृत्युदर कम करने के लिए 212 गंभीर दुर्घटना स्थलों को चिन्हित किया गया है. 17 क्रिटिकल कॉरिडोर की टीमों द्वारा अब इन स्थानों पर रोड इंजीनियरिग में बदलाव किया जाएगा.डीसीपी यातयात सोनम कुमार ने बताया कि देशभर में सर्वाधिक एक्सीडेंट प्रभावित 100 जिलों में यूपी के 20 जिले हैं जिनमें आगरा भी शालि है. एक्सीडेंट में मृत्युदर को कम करने के लिए आगरा कमिश्नरेट में 17 क्रिटिकल कॉरिडोर टीमों का गठन किया गया है. ये टीमें एक्सीडेंट होने पर न सिर्फ घायलों को अस्पताल पहुंचाने का काम करेंगी बल्कि घटनास्थल पर स्थिति सामान्य करने, पुलिस व्यवस्था करने का काम कर रही हैं. इस दौरान आदसों के कारणों का पता करने के साथ अधिकारियों से समन्वय कर कमियों को दूर कराने का काम किया जा रहा है. ऐसे 212 गंभीर दुर्घटना क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं, जाहं पर सबसे अधिक हादसे और मौतें हुई हैे.
इन स्थानों पर रोड इंजीनियरिंग में बदलाव किया जाएगा. सड़कें खराब हैं तो उन्हं ठीक किया जाएगा. इसके अलावा डिवाइडर, लाइट, स्पीड ब्रेकर संबंधित खामियों को भी दूर किया जाएगा. संकेतक के साथ ही चालान की कार्रवाई के लिए कैमरे लगवाए जाएंगे. जिले में 1 जनवरी से लेकर 31 अक्टूबर 2025 तक 1200से अधिक एक्सीडेंट हुए हैं जिनमें 600 से अधिक की मौत हुई है और 800 से अधिक घायल हुए हैं.