आगरालीक्स…38 साल के राजेंद्र के पेट में दो साल से था असहनीय दर्द. 30 किलो वजन भी घटा…आगरा के एसएन में जटिल सर्जरी से मिली नई जिंदगी..जानें क्या थी बीमारी और कैसे मिला उपचार
छाता कोसी मथुरा निवासी 38 वर्षीय राजेंद्र शर्मा , जो ठेला लगाके सड़क किनारे खाना बेचते थे । पिछले 2 वर्षों से असहनीय पेट दर्द से जूझ रहे थे। हालत इतनी खराब हो गई थी कि जैसे ही वे कुछ खाते, पेट में तेज दर्द शुरू हो जाता। धीरे-धीरे उन्होंने खाना लगभग छोड़ दिया और उनका वजन 30 किलो तक घट गया। इलाज के लिए उन्होंने मथुरा, आगरा और दिल्ली के कई अस्पतालों में भटकते हुए करीब 3-4 लाख रुपये खर्च कर दिए, लेकिन कहीं भी राहत नहीं मिली।
आखिरकार आगरा में कराई गई पेट की सीटी एंजियोग्राफी ने असली कारण सामने ला दिया — छोटी आंत को खून पहुंचाने वाली मुख्य नली (SMA – सुपीरियर मेसेन्टेरिक आर्टरी) में 99% खतरनाक ब्लॉकेज था। यह स्थिति जानलेवा थी और कभी भी आंतों में गैंग्रीन बन सकता था।
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट की सलाह पर मरीज को SN मेडिकल कॉलेज, आगरा के CTVS विभाग में भेजा गया जहाँ डॉ सुशील सिंघल ने मरीज को देखा । जांच में यह भी सामने आया कि मरीज लीवर संक्रमण से पीड़ित था, जिससे सर्जरी और भी चुनौतीपूर्ण हो गई। इसके बावजूद, कार्डिओथोरेसिक वैस्कुलर सर्जन डॉ. सुशील सिंघल और उनकी टीम ने उच्च कौशल का परिचय देते हुए जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की। पेट खोलकर पैर की नली (इलियक आर्टरी) से कृत्रिम नस (ePTFE 6mm) के जरिए SMA तक Ilio-SMA Bypass बनाया गया, जिससे छोटी आंतों में तुरंत रक्त प्रवाह बहाल हो गया।
सर्जरी के बाद मरीज को अब खाना खाने पर कोई दर्द नहीं होता। लंबे समय बाद सामान्य भोजन कर पाने की खुशी उसके चेहरे पर साफ झलक रही थी। स्वस्थ होने के बाद उसे मुस्कुराते हुए डिस्चार्ज कर दिया गया।
सर्जरी टीम:
डॉ. सुशील सिंघल (MCh CTVS), डॉ. शिव, डॉ. शुभांशु अग्रवाल
एनेस्थीसिया टीम:
डॉ. अपूर्व मित्तल, डॉ. अतिहर्ष मोहन, डॉ. प्रभा, डॉ. साइमा, डॉ. जसलीन
प्राचार्य एवं डीन डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि एसएन मेडिकल कॉलेज की सुपरस्पेशियलिटी विंग में अब अत्याधुनिक तकनीकों से जटिल से जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए जा रहे हैं। अब मरीजों को बड़े इलाज के लिए दिल्ली या जयपुर जाने की आवश्यकता नहीं है — बेहतर इलाज अब आगरा में ही उपलब्ध है।