आगरालीक्स ….आगरा के बच्चों का स्वाद फास्ट फूड ने बदल दिया है, जीभ पर लाल दाने वाली स्वाद ग्रंथियों को दाल रोटी पसंद नहीं आ रही है। स्टडी में आगरा में 82 प्रतिशत बच्चों को फास्ट फूड की लत, आपका बच्चा भी तो नहीं। को दाल रोटी पसंद नहीं आ रही है। स्टडी में आगरा में 82 प्रतिशत बच्चों को फास्ट फूड की लत, आपका बच्चा भी तो नहीं।
इंडियन पिडियाट्रिक एसोसिएशन की आगरा शाखा द्वारा 5 से 12 साल के बच्चों पर स्टडी कराई गई। इस स्टडी में 1190 बच्चों को शामिल किया गया। बाल रोग विशेषज्ञों ने बच्चों और उनके परिजनों की काउंसिलिंग की, उनसे पूछा कि फास्ट फूड का सेवन करते हैं या घर का बना खाना खाते हैं। इन सवालों के जवाब के आधार पर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
82 प्रतिशत बच्चों को फास्ट फूड की लत
स्टडी में सामने आया है कि 1190 में से 974 बच्चों को फास्ट फूड का सेवन करने की लत है, इस तरह 84 प्रतिशत बच्चे फास्ट फूड के आदी हो चुके हैं। जबकि 762 बच्चे ऐसे हैं जो सप्ताह में तीन से पांच दिन फास्ट फूड का सेवन करते हैं। पूछताछ में परिजनों ने बताया कि बच्चों को जब खाना दिया जाता है तो वे थोड़ा खाते हैं इसके बाद कहते हैं कि भूख नहीं लग रही है। इन्हीं बच्चों को उसी समय फास्ट फूड दे दिया जाए तो उसे खाने लगते हैं। आईएपी, आगरा के उपाध्यक्ष डॉ. अरुण जैन का कहना है कि बच्चों में फास्ट फूड की लत से उनका शारीरिक और मानसिक विकास नहीं हो पा रहा है।

इस तरह बदला स्वाद
बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि जीभ पर लाल रंग के दाने होते हैं, इन्हें स्वाद ग्रंथियां कहते हैं। पहले बच्चों के लिए फास्ट फूड के विकल्प नहीं थे वे घर का बना हुआ खाना खाते थे, उन्हें वह स्वादिष्ट लगता था। लेकिन अब फास्ट फूड का सेवन करने लगे हैं, इसमें अजीनोमोटो होता है। इन केमिकल से जीभ की स्वाद ग्रंथियों पर असर पड़ा है, इन्हें अब केमिकल युक्त खाना ही अच्छा लगता है इसलिए बच्चे फास्ट फूड की मांग करते हैं और बार बार फास्ट फूड का सेवन करते हैं।