आगरालीक्स….. अधिकारियों, सांसद, विधायक, संस्थाओं द्वारा स्कूल गोद लेने की मुहिम में आगरा बहुत पीछे है, स्कूल गोद लेने के लिए लोग आगे नहीं आ रहे हैं।
यूपी के परिषदीय स्कूलों में सुधार के लिए मुहिम शुरू की गई, अधिकारियों, सांसद, विधायक और स्वयंसेवी संस्थाओं से स्कूलों को गोद लेने के लिए कहा गया। जिससे स्कूलों में सुधार हो सके, मूलभूत सुविधाएं विकसित होने के साथ ही शैक्षिक माहौल भी सुधरे। मगर, लोग स्कूलों को गोद लेने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं।

बांदा में सबसे ज्यादा, शामली में सबसे कम
स्कूल गोद लेने के मामले में शामली सबसे आगे है, बांदा में प्रदेश में सबसे अधिक 199 परिषदीय स्कूल गोद लिए गए हैं। जबकि शामली में लोगों ने दो स्कूल की गोद लिए हैं।
आगरा में गोद लिए गए 77 स्कूल
प्रदेश में परिषदीय स्कूलों को गोद लेने वालों की चार कैटेगरी हैं, पहली कैटेगरी में 100 से अधिक, दूसरी में 100 से कम, तीसरी में 50 से कम और चौथी में 10 से कम स्कूल गोद लेने वाले जिले हैं। आगरा दूसरी कैटेगरी में है, आगरा में 77 स्कूल गोद लिए गए हैं।