आगरालीक्स…आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि की प्रवेश प्रक्रिया शुरू…पहली बार समर्थ पोर्टल से होंगे एडमिशन. जानिए पूरी एडमिशन प्रक्रिया…जानिए कितनी हैं सीटें
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के सत्र 2025-26 की प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। इस वर्ष विश्वविद्यालय के आवासीय संस्थानों व विभागों के साथ संबद्ध महाविद्यालयों में संचालित स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश समर्थ पोर्टल के माध्यम से किए जाएंगे। इसके लिए विद्यार्थियों को समर्थ पोर्टल पर जाकर पहले अपना आनलाइन पंजीकरण कराना होगा। शुक्रवार को विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद (खंदारी) परिसर स्थित गेस्ट हाउस में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी ने एक पत्रकार वार्ता को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने प्रवेश प्रक्रिया की विशेषताओं के साथ इसकी प्रक्रिया और इससे होने वाले लाभों की भी जानकारी साझा की।जानिए प्रवेश प्रक्रिेया
स्टूडेंट्स को समर्थ पोर्टल पर जाकर अपनी आइडी बनानी होगी।
वहां से प्राप्त लॉग इन और पासवर्ड के माध्यम से वह आपनी आइडी में अपनी व्यक्तिगत जानकारी अपलोड करेंगे।
जानकारी अपलोड करने के बाद उनकी अहर्ता के आधार पर संबंधित पात्रता वाले पाठ्यक्रम खुल जाएंगे, जहां से वह अपनी पसंद का स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रम चुन सकते हैं।
इसके बाद वह पाठ्यक्रम जिन संबंद्ध महाविद्यालयों और आवासीय संस्थानों में उपलब्ध होगा, उनके नाम खुल जाएंगे, जिनसे विद्यार्थी अपनी पसंद का संस्थान या कॉलेज चुन पाएगा।
इसके बाद वह संबंधित कॉलेज या संस्थान में काउंसिलंग के लिए जाएंगा और प्रवेश की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसके ईमेल आइडी पर एक ओटीपी आएगा, जिसे अपनी पसंद के कॉलेज या संस्थान को उपलब्ध कराने पर ही उसका प्रवेश संबंधित कॉलेज या संस्थान में हो जाएगा।
समर्थ पोर्टल पर शैक्षणिक सत्र 2025-26 में प्रवेश के लिए पंजीकरण का आवेदन पत्र भरने के लिए विद्यार्थी को विश्वविद्यालय की वेबसाइट https://dbrauadm.samarth.edu.in के समर्थ पोर्टल के एडमिशन 2025-26 लिंक पर जाना होगा। सर्वप्रथम उन्हें समर्थ पोर्टल के एडमिशन 2025-26 लिंक पर अपना पंजीकरण करना होगा, जिसके लिए उनका नाम, जन्मतिथि, ईमेल आइडी और मोबाइल नंबर उपलब्ध कराना होगा। इसके बाद उन्हेें 10वीं, 12वीं और स्नातक के अंकपत्र आदि अपलोड करने होंगे। इसके बाद विद्यार्थियों को समर्थ आइडी प्राप्त होगी, जिसके द्वारा वह उसमे लागइन करेंगे और अपनी कंप्लीट प्रोफाइल पर क्लिक करने के बाद फॉर्म खुलेगा, उसमें उन्हें अपनी पूरी जानकारी अपलोड करनी होगा। इसके बाद उन्हें अप्लाई नाओ पर क्लिक करना होगा। लॉगइन करने के बाद समर्थ वेब-रजिस्ट्रेशन का फार्म खुलेगा, जहां वह अपनी निजी जानकारी भरेंगे। इसके बाद वह अपने अन्य विवरण भरेंगे और अपना फोटो व हस्ताक्षर अपलोड करेंगे। इसके बाद विश्वविद्यालय में संचालित पाठ्यक्रम व संबद्ध महाविद्यालयों में संचालित पाठ्यक्रमों का चयन, अभ्यर्थी शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप कार्यक्रम का चयन करेंगे। योग्यता के अनुसार चयन करने के बाद वह कॉलेज का चयन करेंगे, जहां उन्हें प्रवेश के लिए रिपोर्ट करना होगा। फॉर्म पूरा होने पर उन्हें सबमिट व लॉक का बटन क्लिक करना होगा। फॉर्म भरने के बाद एक पाठ्यक्रम के निर्धारित ऑनलाइन माध्यम से 400 रुपये शुल्क जमा करेंगे और उसकी रसीद डाउनलोड करके अपना पास सुरक्षित रखेंगे।
पूर्व में समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण होने की स्थिति में विद्यार्थी इसी विश्वविद्यालय के आवासीय या संबद्ध महाविद्यालय के किसी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेता है, तो उसे अपनी समर्थ पंजीकरण संख्या से लॉगइन करके अपने नए पाठ्यक्रम के लिए समर्थ रजिस्ट्रेशन नंबर (एसआरएन) प्राप्त कर सकेंगे। इसके बाद वह उसका प्रिंट आउट निकालकर संबंधित कॉलेज में संपर्क करेंगे।
मेल पर आएगा ओटीपी
समर्थ पोर्टल को इस तरह तैयार किया है कि विद्यार्थियों की मर्जी के बिना अब कोई भी उनके प्रवेश लॉक नहीं कर पाएंगा। विद्यार्थी का कॉलेज या संस्थान तभी लॉक होगा, जब विद्यार्थी अपनी ईमेल आइडी में आए ओटीपी को उनसे साझा करेगा और कॉलेज या संस्थान उसके अपना एडमिन आइडी में डालकर अनुमति देगा।
विश्वविद्यालय के डीन अकादमिक और प्रवेश प्रक्रिया प्रभारी प्रो. मनु प्रताप सिंह ने बताया कि इस समय विश्वविद्यालय से संबद्ध 520 कॉलेजों में संचालित पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ होगा, जिसकी कुल सीटों की संख्या 2.47937 हैं। वहीं विश्वविद्यालय के आवासीय संस्थानों में संचालित पाठ्यक्रमों में 4758 सीटे हैं, जिन पर प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। अब तक 500 से 600 प्रवेश फार्म भरे भी जा चुके हैं।
विशेष है समर्थ आइडी
विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति ने बताया कि समर्थ पार्टल विद्यार्थियों की बहुत सारी समस्याओं का हल कर देगा। इस आइडी के माध्यम स उन्हें प्रवेश से लेकर परीक्षा फार्म तक भरने के साथ इसी आइडी पर अंकपत्र और डिग्री आदि उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही नाम, पता, जन्मतिथि आदि में होने वाली गलतियों को भी वह आसानी से संशोधित करा पाएंगे और उन्हें भटकना नहीं पड़ेगा।
इस दौरान प्रो. संजय चौधरी, प्रो. बीपी शर्मा, प्रो. शरद चंद्र उपाध्याय, परीक्षा नियंत्रक डा. ओमप्रकाश आदि मौजूद रहे।