आगरालीक्स…आगरा के व्यापारियों और उद्यमियों ने जीएसटी से जुड़ी समस्याएं बताईं. कहा—छोटी-छोटी गलतियों पर दंडात्मक रवैया नहीं हो…जीएसटी अधिकारियों
आज स्टेट जीएसटी भवन, जयपुर हाउस कार्यालय में व्यापारियों और उद्यमियों की जीएसटी से जुड़ी समस्याओं को सुनने और उनके समाधान पर चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण संवाद बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष एवं राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त राकेश गर्ग ने बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया। बैठक में स्टेट जीएसटी विभाग के आगरा के शीर्ष अधिकारी मारुति चरण चौबे जी (Grade 1), अंजनी कुमार अग्रवाल GRADE- 2, जॉइंट कमिश्नर, डिप्टी कमिश्नर ,असिस्टेंट कमिश्नर ,कर अधिकारी आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे।
राज्य मंत्री राकेश गर्ग ने अपने प्रखर और प्रेरणादायक संबोधन में कहा, “व्यापारी और उद्यमी इस देश की रीढ़ हैं। जीएसटी जैसी कर प्रणाली देश के आर्थिक विकास में मील का पत्थर है, लेकिन इसका उद्देश्य केवल राजस्व संग्रह करना नहीं, बल्कि व्यापार और उद्योग को सशक्त बनाना है। जीएसटी प्रक्रिया को सरल और सहयोगात्मक बनाना हमारी प्राथमिकता है। अधिकारियों को चाहिए कि वे व्यापारियों की छोटी-छोटी गलतियों पर दंडात्मक रवैया न अपनाएं, बल्कि उन्हें सुधारने और समझाने की प्रक्रिया को प्राथमिकता दें। यह जरूरी है कि व्यापारिक समुदाय को ऐसा माहौल दिया जाए जहाँ वे खुलकर अपनी बात रख सकें और बिना भय के काम कर सकें।”
राज्य मंत्री राकेश गर्ग ने आगरा के व्यापारियों और उद्यमियों को विश्वास दिलाया कि उनके हर मुद्दे को सरकार और विभाग तक पूरी गंभीरता से पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि “व्यापारी केवल करदाता नहीं, बल्कि देश के विकास के सहभागी हैं। उनका आत्मविश्वास और संतुलन बनाए रखना सरकार और विभाग की जिम्मेदारी है।” जीएसटी विभाग के शीर्ष अधिकारी श्री मारुति चरण चौबे जी ने अपने वक्तव्य में राकेश गर्ग की विचारधारा की सराहना करते हुए कहा, “जीएसटी विभाग व्यापारियों के साथ हमेशा सहयोगात्मक रवैया अपनाएगा। व्यापारिक समुदाय के साथ बेहतर संवाद और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। व्यापारियों और उद्यमियों के विकास में विभाग का पूरा सहयोग रहेगा।”
विजय गुप्ता जी, जिला अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती, आगरा ने व्यापारियों की समस्याओं को बड़े ही प्रभावी ढंग से रखते हुए कहा, “व्यापारी इस देश की आर्थिक नींव हैं। जीएसटी की प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और लचीलापन होना चाहिए। विभाग को व्यापारियों के प्रति सहयोगात्मक और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए ताकि वे निडर होकर अपना व्यापार कर सकें। लघु उद्योग भारती हमेशा व्यापारियों और उद्योगपतियों के हितों की रक्षा के लिए खड़ी है।” इस अवसर पर बड़ी संख्या में व्यापारी, उद्यमी, अधिवक्ता, और चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) उपस्थित रहे। बैठक के दौरान व्यापारियों ने जीएसटी से संबंधित तकनीकी चुनौतियों, निरीक्षण प्रक्रिया की जटिलताओं, और कर प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। यह बैठक व्यापार और उद्योग जगत के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई। राकेश गर्ग और मारुति चरण चौबे के नेतृत्व और सुझावों से व्यापारियों में विश्वास और उत्साह का संचार हुआ।