आगरालीक्स…आगरा के एसएन में एक और जटिल सर्जरी जटिल कर मरीज को दी नई जिंदगी…33 साल के सतेंद्र की छाती में बैल ने मार दिया था सींग..अंदर के अंग निकल आए थे बाहर…CTVS डॉ. सुशील सिंघल ने बचाई जान..तीन घंटे चली सर्जरी
जिला एटा के गांव नगला गुलाबी निवासी 33 वर्षीय सतेन्द्र कुमार के खेती के दौरान अचानक एक बेल बेकाबू हो गया और अपने तेज़ सींग से सीधा सतेन्द्र की छाती को भेद डाला। चोट इतनी गहरी और खतरनाक थी कि सींग छाती से होता हुआ पेट तक जा पहुँचा, और उसके आँते, लीवर, स्प्लीन और अन्य अंग छाती में घुस गए। कुछ अंग बाहर तक निकल आए। परिजनों ने गंभीर हालत में स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद सतेंद्र को तुरंत SN मेडिकल कॉलेज, आगरा रेफर किया गया, जहाँ जिंदगी और मौत की लड़ाई शुरू हुई।SNMC, आगरा पहुँचते ही वरिष्ठ Cardiothoracic & Vascular Surgeon (CTVS) डॉ. सुशील सिंघल ने मरीज की हालत को भांपते हुए बिना समय गंवाए इमरजेंसी सर्जरी का निर्णय लिया। तीन घंटे लंबी, साँसें थमा देने वाली जटिल सर्जरी।
मरीज की छाती को खोला गया, छाती में पहुँचे पेट के सभी अंगों को सावधानीपूर्वक पेट ( abdominal cavity ) में वापस डाला गया, पूरी तरह फटी हुई डायाफ्राम (छाती और पेट के बीच की झिल्ली) की मरम्मत की गई और हर एक टांका उस किसान की ज़िंदगी की डोर था. सर्जरी करीब 3 घंटे तक चली। इसके बाद मरीज को CTVS ICU में रखा गया, जहाँ 5-6 दिन तक निरंतर गहन निगरानी में रखा गया। छठे दिन सतेंद्र मुस्कुराकर उठकर बैठा।
ऑपरेशन करने वाली टीम में :CTVS टीम: डॉ. सुशील सिंघल, डॉ. श्याम, डॉ. सुहैल, डॉ. अर्पिता
एनेस्थीसिया टीम: डॉ. अतिहर्ष , डॉ. रजनी यादव, डॉ. रविंद्र, डॉ. मनीष
रेडियोलॉजी टीम: डॉ. हरी सिंह एवं डॉ. निखिल शर्मा — जिनकी CT स्कैन रिपोर्ट ने सर्जरी की दिशा तय की
सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रशान्त लवानिया का सहयोग रहा ।
प्राचार्य डॉ. प्रशान्त गुप्ता ने इस उपलब्धि पर कहा: “अब SN मेडिकल कॉलेज में जटिल से जटिल सर्जरी सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों द्वारा सफलतापूर्वक की जा रही हैं। यह संस्थान आज प्रदेश में आपातकालीन जटिल सर्जरी का एक मजबूत केंद्र बनता जा रहा है।”