आगरालीक्स….आगरा में पेठा और जूता के अलावा 12 उद्योगों की भी विशेष पहचान. कारोबारियों ने उठाई आगरा के विकास की मांग. राज्य पुरस्कार से सम्मानित उद्यमियों व हस्तशिल्पियों का किया सम्मान
बिना उद्योगों के किसी भी देश, राज्य या शहर का समूचित विकास नहीं हो सकता। सरकार तत्पर है सहयोग के लिए तो उद्यमी भी आगे बढ़ रहे हैं और समग्र विकास की रेखा खींच रहे हैं। लघु उद्योग निगम, उप्र के अध्यक्ष राकेश गर्ग के इस उद्यबोधन के साथ शुभारंभ हुआ जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, आगरा एवं बृज डेवलपमेंट फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित उद्यमियों एवं हस्तशिल्पियों का अभिवादन समारोह और समृद्धि संगमः उद्योग और उत्तर प्रदेश विषय पर परिचर्चा का। बुधवार को होटल होलीडे इन में हाल ही में उप्र सरकार द्वारा यूपी स्थापना दिवस पर वित्तीय वर्ष उप्र राज्य पुरस्कार से सम्मानित सात उद्यमी एवं एक हस्तशिल्पी का बृज डेवलपमेंट फाउंडेशन ने अभिवादन किया।
लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग ने आगे कहा जल्दी आगरा से मात्र 55 मिनट की दूरी पर नया इंडस्ट्रियल एरिया विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। यह क्षेत्र फूड प्रोसेसिंग, गारमेंट सहित तमाम उद्योगों के लिए मिल का पत्थर साबित होगा। मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि ताज ट्रिपेजियम जोन के कारण आगरा में तमाम प्रतिबंध लगे हुए हैं। प्रयास किए जा रहे हैं कि उनमें उद्योगों को राहत मिले लेकिन बावजूद इसके उद्योग स्थापित करने के लिए आगरा के आसपास के क्षेत्र को उद्यमी चिन्हित करने का और प्रयोग में लाने का प्रयास करें। बाह, कोसी, मथुरा आदि क्षेत्रों में सर्किल रेट नो प्रॉफिट नो लॉस पर करके जमीन आवंटन की प्रक्रिया सरलता से की जाएगी। उद्योगपति हजारों लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं। उनकी सुविधाओं और उनके विकास का ख्याल सरकार रख रही है। उद्योग जगत के बिना सभ्य समाज की कल्पना भी नहीं की जा सकती क्योंकि औद्योगिक विकास ही आर्थिक सम्पन्नता लाता है।
संयुक्त आयुक्त उद्योग अनुज कुमार ने कहा कि सरकार प्रदेश में औद्योगिक विकास को लेकर गंभीर है। सरकार उद्यमियों को वो हर सुविधा उपलब्ध करा रही है जिससके औद्योगिक विकास का मार्ग सुगम हो सके। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए किशोर खन्ना ने कहा कि उद्योगपति राष्ट्र के आर्थिक विकास में योगदान देते हैं। सरकार जब उन्हें सम्मानित करती है तो वो समूचित उद्योग जगत का सम्मान होता है। आगरा लगातार औद्योगिक क्षेत्र में विकास करते हुए प्रमुख शहर बन चुका है। एफमैक के अध्यक्ष पूरन डावर ने कहा कि देश आज स्वतंत्रता की दूसरी लड़ाई लड़ रहा है। आज आर्थिक स्वतंत्रता का दौर अमृत काल में चल रहा है। जिन लोगों को राज्य सरकार ने पुरस्कृत किया है वह सही मायने में आर्थिक स्वतंत्रता के स्वतंत्रता सेनानी है।
संयोजक मनीष अग्रवाल रावी ने कहा कि बृज के औद्योगिक, व्यापारिक, सामाजिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विकास के लिए हर वर्ग को आगे आना होगा, जिसमें प्रमुख भूमिका उद्योगपतियों की है। सरकार द्वारा बृज सर्किट में जो सुविधाएं मथुरा को दी जा रही हैं उसमें आगरा को भी शामिल किया जाए। जूते और पेठा उद्योग के अलावा 12 से अधिक प्रमुख उद्योगों के बारे में उन्होंने कहा कि ब्रश, गारमेंट, पब्लिकेशन, कोल्ड चैन, चांदी व्यवसाय, दरी कारपेट, वेडिंग क्षेत्र जैसे उद्योगों को भी संगठित करके कल्स्टर बनाने की आवश्यकता है। आगरा में टीटीजेड के कारण लगी कुछ बंदिशाें के बावजूद भी इन उद्योगों के विकास के लिए सरकार को विशेष राहत देनी होगी।
इन लोगों का किया गया अभिवादन
लीक से हटकर उद्योगों को स्थापित कर आगरा का नाम न सिर्फ शहर या प्रदेश में बल्कि पूरे भारत और विश्व चमकाने वाले शहर के सात उद्यमियों की इकाइयों को राज्य पुरस्कार से विगत दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी दिवस पर सम्मानित किया था। जिसमें उप्र उद्यमी पुरस्कार रजत अस्थाना (मैसर्स स्टोन मैन क्राफ्ट इंडिया), विशिष्ट गुणवत्ता उत्पाद पुरस्कार मनजीत सिंह अलग (नोवा शूज) और भास्कर शर्मा (शर्मा आर्टिस्टिक स्टोन गैलरी), सेवा क्षेत्र में संजय अग्रवाल (केपीएस वेलनेस), मयंक अग्रवाल (एलन एड्स), अनुज अशाेक (अनुज अशाेक एंड एसोसिएट्य) और हिमांशु कौशिक (गुरु लोजिस्टक सोल्यूशन) और विशिष्ट हस्तशिल्पी प्रादेशिक पुरस्कार पीयूष उप्रैती को प्रदान किया गया था। इन सभी का बृज डेवलपमेंट फाउंडेशन की ओर से अतिथियों ने अभिवादन सम्मान किया और आर्थिक विकास में योगदान के लिए स्मृति चिन्ह प्रदान किया।
कार्यक्रम का संचालन साहित्यिकार श्रुति सिन्हा ने किया। अतिथियों का स्वागत लघु उद्योग भारती के जिला अध्यक्ष विजय गुप्ता, भुवेश अग्रवाल, राजीव बंसल, राजकुमार भगत, अनुज सिंघल, नितिन गोयल, राजेश गोयल, सीए संजीव महेश्वरी, अम्बा प्रसाद, अखिल मोहन मित्तल, देवेंद्र कुमार, नितिन बहल, शिखा जैन, एडवोकेट चंचल गुप्ता आदि ने किया।
कार्यक्रम दो सत्रों में हुआ। जिसमें प्रथम सत्र में समृद्धि संगमः उद्योग और उप्र पर परिचर्चा करते सभी ने अपने विचार रखे।