आगरालीक्स…वात्सल्य, नवजात की किलकारी गूंजते ही इस अस्पताल का माहौल उत्सव में बदल जाता है, प्रसवोत्तर माताओं को चिकित्सा ही नहीं शिक्षा भी मिलती है, जानें खासियत
आगरा में मातृबोध, स्नेह और ममता से भरा यह चित्र नाई की मंडी स्थित मल्होत्रा नर्सिंग एंड मैटरनिटी होम का है। यहां जन्मे नवजातों के साथ अस्पताल कीं निदेशक डाॅ. नीहारिका मल्होत्रा, डाॅ. सरिता दीक्षित और डाॅ. विशाल गुप्ता के चेहरे पर खुशी देखी जा सकती है। बता दें कि यह एक ऐसा अस्पताल हैं जहां बच्चे के पैदा होने पर उत्सव मनाया जाता है। रंग-बिरंगे गुब्बारों के साथ ही उसके रूम की साज सज्जा की जाती है। इसके साथ ही प्रसवोत्तर माताओं को बच्चे और खुद से जुड़ी देखभाल पर शिक्षा भी दी जाती है। अब आपको 65 वर्ष पुराने मल्होत्रा नर्सिंग एंड मैटरनिटी होम के गौरवशाली इतिहास की ओर ले चलते हैं। डाॅ. नीहारिका मल्होत्रा बताती हैं कि उत्तर प्रदेश के इस पहले निजी नर्सिंग होम की विशेषता है कि यहां बच्चों की न सिर्फ किलकारी गूंजती है बल्कि हम उन्हें पढ़ता और बढ़ता भी देखते हैं। कई बच्चों ने यहां जन्म लिया और उसके बाद उनके बच्चों ने भी यहां जन्म लिया।

माताओं की जागरूकता के लिए समन्वियति नवजात देखभाल की अनिवार्यता पर कार्यशालाएं की जाती हैं। नवजात शिशु की देखभाल, स्तनपान और इसके फायदे, थर्मोरेग्यूलेशन, टीकाकरण और स्वच्छता प्रथाओं पर केंद्रित कार्यक्रम निरंतर किए जाते हैं। परिवारीजनों से सवाल कर उन्हें पुरस्कृत किया जाता है। डाॅ. नीहारिका कहती हैं कि स्तनपान बच्चे के भविष्य की आधारशिला है। नवजात शिशुओं के लिए यह सबसे अच्छा आहार है। स्तन का दूध बच्चे के माइक्राबायोम को आकार देता है। प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है। पुरानी बीमारियों के विकास के जोखिम को कम करता है। एनीमिया के जोखिम को कम करता है। विभिन्न प्रकार के कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद करता है। मनोवैज्ञानिक लाभ प्रदान करता है। स्तनपान कराने से माताओं को भी लाभ होता है।