आगरालीक्स….Agra News: आगरा के गिरजाघरों में मध्य रात्रि 12 बजे घंटों और घड़ियालों की गूंज के बीच प्रभु ईसा मसीह का जन्म।
बुधवार मध्यरात्रि के बारह बजे, आगरा नगर के समस्त गिरजाघरों में एक साथ घंटों और घड़ियालों की गूंज सुनाई दी, सम्पूर्ण वातावरण प्रभु ईसा मसीह के पावन जन्म की मंगल घोषणा से गूंज उठा। यह वह दिव्य क्षण था, जिसकी प्रतीक्षा ईसाई समाज ने कई सप्ताहों की प्रार्थना, तपस्या और आध्यात्मिक साधना के बाद की थी। पवित्र मिस्सा बलिदान के दौरान महिमागान के साथ प्रभु यीशु मसीह के जन्म का स्मरण करते हुए श्रद्धालुओं ने ईश्वर को धन्यवाद अर्पित किया और मानव जाति के उद्धारकर्ता के आगमन का उल्लासपूर्वक स्वागत किया।
आगरा शहर में रोमन कैथोलिक सहित विभिन्न संप्रदायों के लगभग दस प्रमुख गिरजाघरों में प्रभु ईसा के जन्म की मध्यरात्रि विशेष जागरण मिस्सा का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और भव्यता के साथ किया गया। वजीरपुरा रोड स्थित कैथेड्रल ऑफ द इमैक्युलेट कंसेप्शन चर्च में महाधर्माध्यक्ष डा. राफी मंजाली द्वारा विशेष पूजा-अर्चना सम्पन्न कराई गई। उन्होंने पवित्र बाइबल से पाठ पढ़ते हुए अपने प्रभावशाली प्रवचन में प्रभु यीशु के जन्म का महत्व बताते हुए कहा कि ईसा मसीह का अवतरण मानवता को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने के लिए हुआ।
उन्होंने कहा कि प्रभु ईसा मसीह का जन्म पतित मानवता के उत्थान और उद्धार के लिए हुआ। उन्होंने अपने सम्पूर्ण जीवन में सत्य, प्रेम, करुणा, क्षमा और त्याग का संदेश दिया। आज के इस भौतिकवादी और तनावपूर्ण युग में प्रभु यीशु का जीवन हमें मानवता, भाईचारे और शांति का मार्ग दिखाता है।”
इस पावन अवसर पर पूर्व महाधर्माध्यक्ष डा. अल्बर्ट डिसूज़ा, फादर राजन दास, फादर शाजी, फादर मिरांडा सहित अनेक पुरोहित उपस्थित रहे। फादर शाजी जोसेफ के कुशल निर्देशन में गायक मंडली द्वारा प्रस्तुत भक्ति भजनों और कैरल गीतों ने सम्पूर्ण वातावरण को आध्यात्मिकता और श्रद्धा से भर दिया। प्रभु भजनों के माध्यम से यीशु के जन्म की खुशियाँ जीवंत हो उठीं।
प्रतापपुरा स्थित सेंट मेरीज़ चर्च में प्रधान पुरोहित फादर जोसेफ डाबरे के साथ फादर संतोष, फादर अजय एवं फादर विन्सेंट द्वारा भव्य मध्यरात्रि मिस्सा सम्पन्न कराई गई। इस चर्च की विशेष आकर्षण का केंद्र एक अत्यंत सुंदर और भव्य क्रिसमस स्टार रहा, जिसे विशेष रूप से प्रभु यीशु के जन्म के प्रतीक के रूप में सजाया गया था। यह चमकता हुआ तारा उस दिव्य नक्षत्र का प्रतीक था, जिसने प्रभु यीशु के जन्म के समय संसार को प्रकाश का मार्ग दिखाया था। श्रद्धालुओं ने इस सुंदर स्टार को देखकर प्रभु के जन्म की महिमा का दर्शन किया और इसे आस्था व विश्वास का प्रतीक बताया।
वहीं आगरा छावनी स्थित सेंट पैट्रिक्स चर्च में फादर वरगीस कुन्नाथ एवं फादर सनी कुट्टूर के सान्निध्य में श्रद्धा एवं अनुशासन के साथ मध्यरात्रि मिस्सा सम्पन्न हुई। सभी गिरजाघरों में विशेष सजावट, मोमबत्तियों की रोशनी, क्रिसमस ट्री और जन्म-झांकियों ने वातावरण को अत्यंत मनोहारी बना दिया।
मध्यरात्रि मिस्सा की समाप्ति के उपरांत सभी गिरजाघरों एवं प्रांगणों में स्थापित प्रभु ईसा मसीह के जन्म की झांकियों (आशीषी) पर पवित्र जल छिड़क कर आशीर्वाद दिया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने झांकियों के दर्शन कर आध्यात्मिक पुण्य लाभ अर्जित किया और प्रभु से अपने परिवार, समाज और देश के लिए शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना की।
ईसाई समुदाय ही नहीं, बल्कि अन्य धर्मों के मित्रों एवं पड़ोसियों ने भी आपसी सद्भाव, प्रेम और भाईचारे का परिचय देते हुए कड़कड़ाती ठंड के बावजूद मध्यरात्रि मिस्सा में सहभागिता की। लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर क्रिसमस की शुभकामनाएँ दीं और मानवता के प्रति प्रेम का संदेश दिया।
क्रिश्चियन समाज सेवा सोसायटी के अध्यक्ष डेनिस सिल्वेरा ने इस अवसर पर समस्त नगरवासियों एवं ईसाई बंधुओं को क्रिसमस पर्व की हार्दिक शुभकामनाएंी देते हुए कहा कि प्रभु ईसा का जन्म प्रेम, शांति और सेवा का संदेश लेकर हुआ है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि हम प्रभु यीशु की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाकर समाज में भाईचारा, करुणा और सद्भाव को मजबूत करें।