आगरालीक्स ….आगरा के विम्स हॉस्पिटल के संचालक व स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश, हास्पिटल में भर्ती महिला मरीज से अभद्रता और हत्या के लगे आरोप।
आगरा के बांईपुर, सिकंदरा निवासी सचीश समाधिया ने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें उन्होंने आरोप लगाए हैं कि उन्होंने अपनी बेटी श्रुति समाधिया को कोरोना से पीड़ित होने पर पांच मई 2021 की रात को विम्स हॉस्पिटल, हरीपर्वत में भर्ती कराया। हॉस्पिटल के डॉक्टर और स्टाफ ने लाखों रुपये इलाज के नाम पर खर्चा करा दिए। इसके बाद भी बेटी का इन्फेक्शन कम नहीं हुआ।

रात में की अभद्रता, पुलिस ने दर्ज नहीं किया मुकदमा
इस मामले में आरोप लगाए हैं कि 13 मई 2021 की रात को डॉक्टर और स्टाफ के द्वारा श्रुति समाधिया के साथ अभद्रता की गइ्र, इसकी जानकारी हॉस्पिटल के प्रबंधक को दी लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस ने भी मुकदमा दर्ज नहीं किया। इस मामले में सीजेएम ने 15 दिसंबर 2021 को दिए गए प्रार्थना पत्र को परिवाद के रूप में दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इसके विरुदृध उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका प्रस्तुति की। हाईकोर्ट ने दोबारा सुनवाई करने के आदेश दिए थे, इसके बाद सीजेएम प्रदीप कुमार सिंह ने इंस्पेक्टर हरीपर्वत को तत्कालीन हास्पिटल के संचालक, आरोपी डॉक्टर और कर्मचारियो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं।
विम्स हॉस्पिटल का गूगल से लिया गया सांकेतिक फोटो