आगरालीक्स …Agra News: आगरा विवि की शोध छात्रा के शारीरिक शोषण के आरोप में 31 अक्टूबर को जेल भेजे गए प्रोफेसर को नहीं मिली जमानत, कोर्ट ने लिखा कि कोई भी अविवाहित महिला जिस प्रोफेसर के अधीन पीएचडी कर रही है उसके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज नहीं कराएगी। ( Agra News: DBRAU, Agra Professor bail plea reject in research scholar case#Agra)
आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि के इंस्टीटयूट आफ बेसिक साइंस में केमिस्ट्री के प्रोफेसर डॉ. गौतम जैसवार पर शोध छात्रा ने दो वर्ष तक शारीरिक शोषण के आरोप लगाए थे, शोध छात्रा के प्रो. गौतम जैसवार को गाइड हैं, शोध छात्रा ने आरोप लगाए थे कि प्रोफेसर उसे खजुराहो और बरसाना के होटल में ले गए और शारीरिक शोषण किया, शादी का झांसा दिया, जब शादी करने के लिए कहा तो अपने कार्यालय में बुलाकर मोबाइल छीन कर तोड़ने की कोशिश की इस मामले में थाना न्यू आगरा पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था, शोध छात्रा के बयान दर्ज कराए गए।
31 अक्टूबर से जेल में हैं प्रोफेसर
पुलिस ने सर्विलांस की मदद से प्रो.गौतम जैसवार को प्रयागराज के हास्टल से अरेस्ट कर लिया था और 31 अक्टूबर को जेल भेज दिया उसके बाद से प्रो. गौतम जैसवार जेल में हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, डीजीसी क्राइम राधाक्रष्ण गुप्ता और एडीजीसी देवी सिंह सोलंकी ने तर्क दिया कि अपराध गंभीर प्रक्रति का है। जमानत का विरोध किया। जिला जज संजय कुमार मलिक ने सुनवाई के बाद आरोपित का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त करने के आदेश दिए हैं।
अविवाहित महिला दर्ज नहीं कराएगी झूठी रिपोर्ट
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने आदेश में लिखा है कि कोई भी अविवाहित महिला अपने ही प्रोफेसर जिसके अधीन वह पीएचडी कर रही थी के विरुदृध् अकारण उसके साथ झूठी रिपोर्ट दर्ज नहीं कराएगी। जब तक कि उसके साथ ऐसा अपराध न हुआ हो , क्योंकि उसे भली भांति ज्ञात है कि झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने से उसकी सामाजिक बदनामी होगी।