आगरालीक्स…आगरा में रात को पर्यटकों को कैसे रोका जाए. नाइट टूरिज्म बढ़ाने को लेकर होटल मालिक और गाइडों से मांगे सुझाव तो मिले ये जवाब
शुक्रवार को मंडल आयुक्त रितु माहेश्वरी की अध्यक्षता में होटल एसोसिएशन और गाइड एसोसिएशन के साथ यह बैठक हुई। जिसमें जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी और संयुक्त निदेशक पर्यटन अविनाश मिश्रा भी मौजूद रहे। आगरा पर्यटन क्षेत्र को और अधिक विकसित करने तथा नाइट टूरिज्म कल्चर बढ़ाने के लिए मंडल आयुक्त ने होटल मालिकों और गाइड एसोसिएशन के पदाधिकारियों से सुझाव मांगे कि हम आगरा शहर में पर्यटकों को लुभाने के लिए और क्या कर सकते हैं, किस तरह की गतिविधियां संचालित कर सकते हैं ताकि शहर में आने वाला पर्यटक दो-तीन दिन रुक कर आगरा को अच्छे से जाने। पर्यटक सिर्फ ताजमहल को देखकर ना जाए बल्कि शहर के अन्य स्थलों और विरासतों से भी रूबरू हो सके।
राकेश चौहान ने कहा कि ताजमहल के अलावा अन्य किसी का प्रचार प्रसार नहीं हो रहा है, हालांकि यह हमारी भी कमी है हम इसमें सुधार लाएंगे। मंडल आयुक्त को अवगत कराया कि पहले पर्यटन विभाग द्वारा पर्यटकों को पंपलेट बांटे जाते थे जिसमें एक मैप के साथ ताजमहल के अलावा अन्य स्मारकों व स्थलों की जानकारी होती थी। इसका फिर से वितरण करवाया जाए। राजीव सक्सेना ने कहा कि आगरा के सभी ऐतिहासिक स्थलों के बीच टाइम शेड्यूल के साथ ट्रांसपोर्ट की सुविधा नहीं है जिससे पर्यटकों को परेशानी होती है। वह अपना समय बचाने के लिए सभी स्मारक नहीं घूम पाता है।
टूर गाइड नितिन सिंह ने कहा कि कई प्राइवेट एजेंसियां ताजमहल घूमने के साथ-साथ ढलती शाम में ओल्ड आगरा से पर्यटकों को रूबरू कराने के लिए जामा मस्जिद से रावतपाड़ा होते हुए वॉक कराती है। फूड वॉक के रूप में पर्यटकों को नमक की मंडी, जोहरी बाजार की तरफ घुमाया जाता है। जहां पर्यटक विभिन्न तरह के व्यंजनों का आनंद उठाते हैं। अगर प्रशासन इस गतिविधि को टूर प्लान में शामिल कर ले तो इसके शानदार परिणाम सामने आएंगे। नितिन ने यह भी बताया कि पर्यटक स्मारकों से ज्यादा उसके आसपास स्थल को देखना पसंद करते हैं। लेकिन ताजमहल के पास ताजगंज क्षेत्र में बहुत अवस्थाएं हैं जिससे पर्यटकों में एक अच्छा संदेश नहीं जाता है। यदि पुरानी मंडी से ताजमहल की ओर जाने वाले रास्ते को सुव्यवस्थित किया जाना चाहिए।
बैठक में ताजमहल की ऑनलाइन टिकट करने में आ रही परेशानी का भी मुद्दा उठा। अवगत कराया गया है कि एक बार में सिर्फ पांच टिकट ही बुक होती हैं। इससे ज्यादा टिकट बुक करने के लिए फिर से पूरी प्रक्रिया दोहरानी पड़ती है। टिकट विंडो से ऑनलाइन माध्यम से पेमेंट करने की सुविधा नहीं है। अगर कहीं है तो वहां पर अक्सर सर्वर डाउन की समस्या आती है। प्रचार प्रसार के संबंध में सुझाव आया कि किसी नामी हस्ती को ब्रांड एंबेसडर बनाकर आगरा शहर को टूरिस्ट सिटी के रूप में प्रमोट किया जाए। पर्यटकों की रुचि के अनुसार किसी एक नियत स्थान और निर्धारित समय पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाए।
सुझाव मिलने के बाद मंडल आयुक्त रितु माहेश्वरी ने सभी होटल मालिकों से यह अपील की कि पर्यटकों को लुभाने के लिए आप भी अपने स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करें या फिर प्रशासन का सहयोग करें। एडीए सचिव गरिमा सिंह को निर्देश दिए कि फतेहपुर सीकरी में जिस तरह से पहले दीवान ए आम में कार्यक्रम होते थे, उसी तरह फिर से कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू हो सके। इसके लिए एक कार्यकम्र इसी अक्टूबर माह में कराया जाए। मंडल आयुक्त ने होटल मालिकों से कहा कि नगर निगम के द्वारा शहर को सुंदर बनाने के लिए हम फसाड़ लाइट लगा रहे हैं लेकिन आपसे भी अपेक्षा है कि जितने भी होटल हैं उसके सामने और आसपास की जगह को साफ सुथरा बनाएं तथा हॉर्टिकल्चर, स्कल्पचर और एलईडी लाइट द्वारा सुंदर बनाएं।