आगरालीक्स…Agra News: आगरा में दशहरा पर कैलाश मंदिर घाट पर श्रद्धालु नहीं कर सकेंगे स्नान, यमुना में नहाते समय छह बालिकाओं की मौत के बाद सख्ती, सभी घाटों पर बैरिकेटिंग। ( Agra News: DM Appeal devotees not take holy dip in Kailash Temple Ghat in Agra#Agra )
आगरा के सिकंदरा में यमुना में नहाते समय स्वामी गांव के दो भाईयों की पांच बेटी और एक मौसी की बेटी की यमुना में डूबने से मौत हो गई। इसके बाद प्रशासन ने सख्ती कर दी है। पांच जून को दशहरा है। दशहरा पर यमुना में स्नान करते हैं। इसे लेकर सख्ती की गई है।
कैलाश मंदिर घाट पर नहीं कर सकेंगे स्नान
डीएम अरविन्द मल्लप्पा बंगारी ने मंगलवार को आगामी गंगा दशहरा स्नान पर्व को दृष्टिगत रखते हुए जनपद के प्रमुख कैलाश मंदिर घाट, बल्केश्वर घाट तथा दशहरा घाट का किया गया। उन्होने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को कैलाश मंदिर मार्ग के साथ साथ अन्य मार्गों से भी घाट पर प्रवेश करने से रोका जाये। घाट की ओर जाने वाले सभी सम्भावित मार्गों पर बैरीकेटिंग कराकर बन्द कराया जाये, जिससे किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना घटित न हो साथ ही उन्होने यह भी निर्देश दिये कि शिवालय परिसर में समुचित साफ सफाई व्यवस्था की जाये। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील कि है कि घाट पर अभी पर्यटन विभाग द्वारा जीर्णोद्धार एवं सौन्दर्यीकरण का कार्य कराया जा रहा है। अतः आगामी गंगा दशहरा स्नान पर्व पर स्नान हेतु कैलाश मन्दिर घाट के स्थान पर अपने निकटवर्ती घाट अथवा अन्य घाट का प्रयोग करें और पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनायें।
घाट पर की जाए बैरिकेटिंग
बल्केश्वर मन्दिर घाट और दशहरा घाट का भी निरीक्षण किया गया। डीएम ने नगर आयुक्त महोदय को निर्देश दिये कि कि गंगा दशहरा स्नान पर्व पर स्नान ब्रह्म महूर्त से प्रारम्भ हो जाता है प्रकाश की समुचित व्यवस्था रखी जाये, महिला श्रद्धालुओं के लिए अस्थाई केबिन की व्यवस्था की जाये तथा जनपद के प्रमुख स्नान घाटों पर श्रद्धालुओं की संख्या के अनुसार अन्य सभी व्यास्थायें सुनिश्चित की जाये। उन्होने यह भी निर्देश दिये कि घाट पर स्नान हेतु स्थान का निर्धारण करते हुए बैरीकेटिंग कराई जाये और घाट के साथ साथ बैरीकेटिंग पर भी चेतावनी के बैनर आदि लगाये जाये, जिससे श्रद्धालुओं को गहराई आदि की जानकारी रहे और वह निश्चित दूरी के आगे न जाये। जिलाधिकारी महोदय ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी प्रमुख घाटों पर बचाव दल एवं गोताखोरों की तैनाती की जाये, जोकि बचाव के साथ साथ श्रद्धालुओं को निश्चित दूरी से आगे न बढने दें और उन्हे सचेत करते रहे। उन्होने यह भी निर्देश दिये कि श्रद्धालुओं को सचेत करने के लिए घ्वनि विस्तारक यन्त्रों का भी प्रयोग किया जाये।