आगरालीक्स…अनसेफ कोचिंग्स पहचाने, आगरा में 10वीं की छात्रा के साथ अश्लील हरकतों का मामला आया सामने. जानें आपका बच्चा जिस कोचिंग में जा रहा है वो कितनी सुरक्षित, 8 प्वाइंट्स जो जानना जरूरी…
आगरा में कोचिंग जाने वाली एक 10वीं की छात्रा को छह महीने से गणित पढ़ाने वाला टीचर परेशान कर रहा था. उस पर ब्वॉयफ्रेंड बनाने का दबाव के साथ अश्लील बातें करने और गलत तरीके से छूने का प्रयास किया गया. छात्रा की इन बातों ने न सिर्फ उसके पेरेंट्स को हैरान कर दिया बल्कि खबर के सामने आने के बाद वो पेरेंट्स भी परेशान हो गए हैं जिनकी बच्चियां उस कोचिंग में पढ़ने के लिए जाती हैं या फिर अन्य कोचिंग्स में. छात्रा के इन आरोपों पर पुलिस ने आरोपी कोचिंग टीचर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.अनसेफ कोचिंग को आप कैसे पहचान सकते हैं. इसमें कहीं आपके बच्चे के लिए शारीरिक, भावनात्मक या मानसिक खतरों का जोखिम तो शामिल नहीं है. इस संबंध में आगरा के मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के निदेशक दिनेश राठौर ने आगरालीक्स को जानकारी दी जिसमें उन्होंने बताया कि अगर आपका बच्चा भी कोचिंग में पढ़ने के लिए जा रहा है तो वो उसके लिए कितनी सुरक्षित है.
मान्यता और पंजीकरण
कोचिंग सेंटर के पास सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त और पंजीकृत होने का प्रमाण होना चाहिए. इससे यह सुनिश्चित होता है कि सेंटर कानूनी रूप से संचालित हो रहा है और कुछ मानकों को पूरा करता है.
शिक्षक
शिक्षकों की योग्यता, अनुभव और शिक्षण शैली पर ध्यान दें. क्या वे अपने विषय में कुशल हैं या वे छात्रों को प्रेरित करने और उन्हें सीखने में मदद करने में सक्षम है या नहीं
वातावरण
कोचिंग सेंटर का वातावरण बच्चे के अनुकूल है या नहीं. सुनिश्चित करें कि कोचिंग सेंटर छात्रों के लिए एक सकारात्म्क और सहायक वातावरण प्रदान करता है.
सुरक्षा व्यवस्था
सबसे जरूरी ये है कि जिस कोचिंग में बच्चा पढ़ने के लिए जा रहा है वहां उसकी सुरक्षा की क्या व्यवस्थाएं हैं. सीसीटीवी हैं या नहीं, सरकार की ओर से जारी जरूरी फोन नंबर्स की सूची है या नहीं.
स्टूडेंट्स का व्यवहार
आप अपने बच्चे के व्यवहार के जरिए भी कोचिंग्स की स्थिति को पता कर सकते हैं. खासकर लड़कियों के लिए. जिस कोचिंग्स में वह पढ़ने के लिए जा रही हैंं, वहां से पढ़कर आने के बाद उनका व्यवहार नॉर्मल है या फिर व्यवहार में परिवर्तन आ रहा है.
कोचिंग के आसपास का माहौल्
कोचिंग के आसपास का माहौल भी आपको पता होना चाहिए. कहीं आसपास शराबी या मनचलों का जमावड़ा तो नहीं रहता है, अगर ऐसा है तो ये भी बच्चियां के लिए खतरनाक है.
अनुचित व्यवहार
क्या कोचिंग स्टाफ छात्रों के साथ सम्मानजनक और पेशेवर तरीके से व्यवहार करता है, क्या कोई दुव्र्यवहार या उत्पीड़न की घटनाएं तो नहीं हो रही हैं..
छात्र प्रतिक्रिया
अपने बच्चों से प्रतिक्रया प्राप्त करें और उनके अनुभव के बारे में जानें.. क्या छात्र जिस कोचिंग में जा रहा है वहां संतुष्ट है, या उन्हें कोई समस्या तो नहीं है. छात्रों की प्रतिक्रिया एक महत्वपूर्ण संकेतक है कि कोचिंग सेंटर कितना प्रभावी है.