आगरालीक्स…आगरा भी होंगी जयपुर—उदयपुर जैसी डेस्टिनेशन वेडिंग. देश—विदेश के लोग यहां शादी करने आए इसके लिए बनाई गई प्लानिंग…
वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने बुधवार को होटल होलीडे इन में भव्य सेमिनार का आयोजन किया, जिसमें वेडिंग प्रोफेशनल्स, डेकोरेटर, वेडिंग डिज़ाइनर, हॉस्पिटैलिटी, कैटरिंग एक्सपर्ट और इवेंट प्लानर एकत्र हुए। विषय था, वेडिंग इंडस्ट्रीज: वर्तमान चलन, संभावना एवं चुनौतियां।सेमिनार में परंपरा और नवाचार के मेल, बदलते ट्रेंड्स, सरकारी नीतियों और पर्यावरण-हितैषी आयोजनों पर गहन चर्चा हुई। आयोजकों ने आगरा को उत्तर प्रदेश का वेडिंग डेस्टिनेशन हब बनाने की दिशा में ठोस सुझाव रखे और कहा कि यह शहर न केवल देश, बल्कि अंतरराष्ट्रीय वेडिंग मैप पर अपनी अलग पहचान बना सकता है।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन द्वारा संरक्षक राजेश गोयल, अध्यक्ष मनीष अग्रवाल रावी, महासचिव संदीप उपाध्याय, राहुल जैन, सौरभ सिंघल, पंकज अग्रवाल ने किया।
कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए अध्यक्ष मनीष अग्रवाल रावी ने कहा कि भारतीय शादी केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि संस्कृतियों, परंपराओं और उत्सवों का अद्वितीय संगम है। यहां हर तत्व—एंटरटेनमेंट, परिधान या हॉस्पिटैलिटी—एक अहम भूमिका निभाता है। उत्तर प्रदेश में इस उद्योग की अपार संभावनाएं हैं और आगरा इसका मुख्य केंद्र बन सकता है। अगर सरकार अनुदान और सुविधाएं बढ़ाए तो यह इंडस्ट्री, जो महामारी के समय सबसे ज्यादा प्रभावित हुई थी, तेज़ी से आगे बढ़ सकती है। हमारा लक्ष्य है कि वेडिंग इंडस्ट्री को नए ट्रेंड्स, तकनीक और अवसरों से जोड़कर आगरा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार इवेंट प्लानर्स के लिए टेंडर निकाल रही है इसलिए बहुत ज्यादा जरूरी है की वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े सभी छोटे बड़े उद्यमी अपना जीएसटी भरें और एमएसएमई में रजिस्ट्रेशन जरूर कराएं।
सेमिनार का प्रथम सत्र डेकोरेशन में परिवर्तन एवं ग्राहक की मांग के साथ वर्तमान चलन विषय पर मंथन का रहा। डेकोर एक्सपर्ट पीयूष सिंघल ने कहा कि आज की पीढ़ी इको-फ्रेंडली शादियों की ओर बढ़ रही है, जहां फूल और सजावट का पुनः उपयोग संभव हो।टेंट व्यवसाई सौरभ सिंघल ने महाकुंभ के अनुभव साझा किए और बताया कि इसकी भव्यता असीमित होती है। इवेंट उद्योग से जुड़े उद्यमियों के लिए हर कुंभ उद्यम विकास की संभावनाएं लेकर आता है।
विमल गोयल ने कहा कि दुनिया भर के देश और शहर देखने के बाद ये साफ हो गया कि आगरा सबसे अधिक संभावनाओं का शहर है। आगरा के पर्यटन उद्योग को बढ़ाने के लिए वैवाहिक उद्योग मुख्य धारा के रूप में महत्वपूर्ण साबित होगा।
ब्रज डेवलपमेंट फाउंडेशन के उपाध्यक्ष राहुल जैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि आगरा में तेजी से पंच सितारा होटल्स की संख्या बढ़ रही। निश्चित रूप से आगरा, जयपुर, गोवा आदि शहरों की सूची में शामिल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि लोग वैवाहिक आयोजनों में ऐतिहासिक झलक चाहते हैं इसलिए होटल और वैन्यू डिजाइन डेकोरेशन में ये ध्यान रखने की जरूरत है।
दूसरे सत्र में वेडिंग एंटरटेनमेंट, वेडिंग ऐटनरी एवं हॉस्पिटैलिटी पर इवेंट प्लानर अरुण सक्सेना ने कहा कि मनोरंजन के साथ भारतीय संस्कृति का समावेश भारतीय वैवाहिक उद्योग को उन्नत करेगा।
एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से जुड़े कमलप्रीत सिंह ने कहा कि आगरा में सेलिब्रिटी इवेंट लगातार होते रहने चाहिए क्योंकि कलाकारों आधुनिक वाद्य यंत्र हम आगरा में ही उपलब्ध करा सकते हैं। आगरा के कलाकारों की संस्था बनने की अति आवश्यकता है।
सनी गुप्ता, हर्ष सिसोदिया, कमल प्रीत सिंह, पुनीत अग्रवाल, विष्णु शर्मा और राहुल कुशवाह ने विचार रखे। तीसरे सत्र में वेडिंग कैटरिंग, ग्राहक सुरक्षा, टाइम मैनेजमेंट एवं सरकारी नीतियों पर चर्चा रही।
संरक्षक राजेश गोयल ने कहा कि वैवाहिक उद्योग संयुक्त रूप से विकास करने वाला उद्योग है इसे एक उद्योग में दर्जन भर से अधिक विभिन्न औद्योगिक संस्थाएं कार्य करती हैं इसलिए आवश्यकता है कि एकजुटता के साथ सभी एक दूसरे का सहयोग करते हुए आगे बढ़े। उन्होंने कैटरिंग व्यवसाय के लिए कहा कि ग्राहक पांच हजार रुपए अदा करके दस हजार का काम करवाना चाहता है यह एक बहुत बड़ी चुनौती होती है। जबरदस्त प्रतिस्पर्धा वाले इस उद्योग में सिर्फ गुणवत्ता से ही अपना वर्चस्व बनाया जा सकता है इसलिए गुणवत्ता पर ज्यादा से ज्यादा सभी कैटर्स ध्यान दें। इस सत्र में पंकज गोयल, शिखा जैन और रिनी रॉय ने भी अपने विचार रखे। अनिल सविता, अपरार्क शर्मा और राकेश सक्सेना ने कार्यक्रम की व्यवस्था संभाली।