आगरालीक्स…आगरा आए पूर्व क्रिकेटर कपिल देव. एक पहल पाठशाला के 16वें स्थापना दिवस समारोह में पहुंचे. बच्चों को दिए सफलता के गुरु मंत्र
महिलाएं तभी आगे आ सकती है, जब वो शिक्षित होगी और ये पुरुष पर निर्भर करता है कि वो महिलाओ को पढ़ने का मौका दें। शिक्षा आपका चरित्र बनती है, विद्यालय का भी चरित्र होना चाहिए। स्कुल बच्चो के बेहतर चरित्र का निर्माण करें। ये बातें एक पहल पाठशाला के 16वें स्थापना दिवस समारोह पर लेजेंड्स मीट लर्नर प्रोग्राम में पूर्व भारतीय क्रिकेटर कपिल देव ने मंच से कहीं। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि पूर्व भारतीय क्रिकेटर कपिल देव, विशिष्ट अतिथि स्वप्निल अग्रवाल, सुरेशचन्द गर्ग, संतोष शर्मा, सुशील गुप्ता, सीए गौरव बंसल, पूनम सचदेवा और सीए आलोक अग्रवाल ने दीप प्रवज्जलित कर किया।कपिल देव ने बच्चो और शिक्षकों से कहा कि पढाई में दबाब नहीं बल्कि आनंद होना चाहिए। आनंद आएगा तो बच्चे अपने आप ही स्कुल में आएंगे। आजकल के बच्चे बहुत स्मार्ट है, उन्हें तो बस प्रेरित करने वाली कहानी दिखानी है कि जैसे मोदी जी ने मेहनत की और वो मेहनत के बाद देश के प्रधानमंत्री बने। आपको एकाग्रता दिखानी होगी तभी कामयाबी आपके कदमो में होगी। अच्छा इंसान वही होता है जो दूसरों का सम्मान करें। दृण निश्चय कर ले तो कोई आपको मंजिल पर पहुँचने से रोक नहीं सकता है। हमें लड़कियों और शिक्षक की इज्जत करनी आनी चाहिए, ये बच्चे को स्कुल से सीखना होगा। वही शिक्षक भी बच्चे को एक नज़र से देखे तभी ये संभव हो पायेगा।

विशिष्ट अतिथि स्वप्निल अग्रवाल ने कहा कि मैं आज भी रोज पढता हूँ,व्यायाम करता हूँ और अपनी दिनचर्या को अच्छा रखता हूँ ताकि सकारात्मक विचार मेरे मन मस्तिष्क में आये। ईश्वर जीवन में संघर्ष व परेशानियां भी उसके में देता है जो उससे से लड़ने की क्षमता रखता है। एक पहल पाठशाला के बच्चो से रूबरू होते हुए मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में कपिल देव ने बेबाकी से बच्चो के प्रश्नो का जबाब दिया। कार्यकम का संचालन अध्यक्ष डॉ. ईभा गर्ग ने किया। कपिल देव का स्वागत महासचिव मनीष राय ने किया। धन्यवाद राजकुमार अग्रवाल ने दिया। इस अवसर पर, ममता गर्ग, मनोज बल, डॉ. सरोज प्रशांत, सतीश अरोरा, सीए हनीश गुप्ता, रामानंद चौहान,, गौतम सेठ, सीए गौरव सिंघल, गगन वर्मन, कान्ता माहेश्वरी, जूली अग्रवाल, अंकित खंडेलवाल, मानस राय, नवीन कुमार, अश्लेष मित्तल आदि मौजूद रहे।
क्रिकेट में ज़ीरो तब तक नहीं तब तक नहीं 100 का मज़ाएक बच्चे ने पूछा क्या असफलता का जश्न भी होना चाहिए तो उन्होंने कहा कि जब तक क्रिकेट में ज़ीरो नहीं बनाया तब तक 100 का मज़ा नहीं है। हम अपनी गलती का अहसास करके फिर से मेहनत के लिए तैयारी करने का जश्न मन सकते है। मैं अगर आज भी विद्यार्थी होता तो मैं पढाई पर ही फोकस करता क्युकी शिक्षा मरते दम तक साथ रहती है। मैं अपने छात्र जीवन में शिक्षकों से बहुत मार खाता था पर मेरा विषय क्रिकेट था और मैं अपने विषय में अच्छा था। मेरा मानना है जो काम आपको करना अच्छा लगता है उसे समर्पित भाव से करें।
सब तेंदुलकर और कोहली नहीं बन सकते
आज के समय में सिर्फ अधिक पैसा कमाना सफलता पाना नहीं है बल्कि अपनी काबिलियत से ऊपर उठ जाना असल सक्सेज है। सब सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली नहीं बन सकते है।
मोबाइल देकर अभिवावक बच्चो से अपना पीछा छुड़ा रहे
कपिल देव ने कहा कि अभिवावक बच्चो को मोबाइल ना दें और अगर देना ही है तो निर्धारित समय के लिए ही मोबाइल का इतेमाल करने दें। अभिवावक बच्चो से पीछा छुड़ाने के लिए मोबाइल थमा देते है। इससे बच्चो का ध्यान बाकि चीज़ो से हट जाता है।
