आगरालीक्स…आगरा के चांदी कारोबारी को ज्वैलरी एक्सपो के जरिए अहमदाबाद की पार्टी से मिला 71 लाख से अधिक का आर्डर…पार्टी ने पूरा माल मंगाया लेकिन भुगतान किया सिर्फ 3.5 लाख. धोखाधड़ी का कराया मुकदमा दर्ज
आगरा में ज्वैलरी एक्सपो के जरिए अहमदाबाद की पार्टी ने आगरा के चांदी कारोबारी से संपर्क किया और 71 लाख से अधिक की चांदी के माल का आर्डर दिया. सबकुछ जांच परखने के बाद आगरा के कारोबारी ने पूरा माल भिजवा दिया लेकिन इसके बाद अहमदाबाद की पार्टी ने माल का भुगतान करने में परेशान कर दिया और उन्हें 71 लाख से अधिक के माल के स्थान पर अभी तक 3.5 लाख रुपये का भुगतान किया. अपने साथ हुई धोखाधड़ी से परेशान चांदी कारोबारी ने अहमदाबाद की पार्टी के खिलाफ थाना ताजगंज में मुकदमा दर्ज कराया है.ये है मामला
थाना ताजगंज क्षेत्र में यह मुकदमा शरद मित्तल पुत्र गोपी कृष्ण मित्तल ने दर्ज कराया है. इन्होंने बताया कि इनकी पत्नी रूपल मित्तल रूपल चेंस फ्लैट नंबर 312, विभव रिवेरा, होटल मयूर टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स अंतर्गत थाना ताजगंज, आगरा की प्रोप्राइटर है. रूपल चेंस के द्वारा चांदी के आभूषणों का निर्माण व बिक्री का कार्य किया जाता है व रूपल चेंस का पूरा कारोबार शरद मित्तल ही देखते हैं. शरद मित्तल ने बताया कि उनकी जान पहचान ज्वेलरी एक्सिपो के दौरान कान्ति लाल जैन व रुचिता कौशल जैन नामक व्यक्तियों से आगरा में हुई थी जिन के द्वारा बताया गया कि उन का निरवी ज्वेलर्स के नाम से चांदी के आभूषणों का अहमदाबाद में काम है तथा वह दोनों निरवी ज्वेलर्स में साझीदार हैं. ज्वेलरी एक्सिपों के दौरान ही प्रार्थी की फर्म व निरवी ज्वेलर्स के विजिटिंग कार्ड भी एक दूसरे को दिये गए. ज्वेलरी एक्सिपों में हुई मुलाक़ात के पश्चात उक्त कान्ति लाल जैन व रुचिता कौशल जैन 2-3 बार प्रार्थी के पास आये व प्रार्थी की फर्म रूपल चेंस से चांदी के आभूषण खरीदने की इच्छा जाहिर की व बताया कि उनके पास एक बहुत बड़ा आर्डर है जिस को यदि प्रार्थी की फर्म के द्वारा पूरा किया जाता है तो हमें बहुत लाभ होगा.
चांदी के आभूषणों की सप्लाई व व्यापार में काफी अधिक लागत रहती है अतः निरवी ज्वेलर्स के साथ कोई भी व्यापार प्रारम्भ करने से पूर्व शरद मित्तल व उनकी पत्नी रूपल मित्तल के द्वारा यह उचित समझा कि एक बार अहमदाबाद जा कर इन लोगों के व्यापार स्थल को देख आयें, जिस पर दिनांक 29/08/2024 को दोनों व रूपल मित्तल के भाई अंशु अग्रवाल आगरा से निरवी ज्वेलर्स, जी- 09, अंबिका चैंबर्स (कोटिया हास्पिटल के सामने) निकोल रोड, उत्तम नगर, अहमदाबाद के लिए रवाना हुए व दिनांक 30/08/2024 को अहमदाबाद पहुंचे जहां इनकी मुलाक़ात कान्ति लाल जैन व रुचिता कौशल जैन से हुई, हम लोग रुचिता कौशल जैन व कान्ति लाल जैन के साथ उनके घर बी- 203, मारुति हैरिटेज (विजय पार्क के सामने), सरदार चौक रोड, कृष्णा नगर, अहमदाबाद भी हो कर आए। इन लोगों के द्वारा निरवी ज्वेलर्स की ओर से रूपल चेंस को 60% शुद्धता के 125 किलोग्राम चांदी के आभूषणों (पायल, चेंस, ब्रासलेट) का ऑर्डर लिखाया जिसे हमें 30 दिनों के अंदर सप्लाई करना था जब हम ने कुछ पेशगी राशि के लिए कहा तो कांतिलाल जैन व रुचिता कौशल जैन के द्वारा निरवी ज्वेलर्स के आईडीएफसी फ़र्स्ट बैंक की निकोल, अहमदाबाद शाखा में स्थित खाता संख्या 101104XXXXX का रुपये 5 लाख की राशि का एक चैक संख्या 000002 दिनांकित 09/09/2024 प्रदान किया जिस पर उक्त कान्ति लाल जैन के द्वारा हस्ताक्षर किए गए। इन लोगों ने हम से कहा कि माल सप्लाई करने के तुरंत बाद आप इस चैक को भुगतान हेतु अपने बैंक में प्रस्तुत कर दीजिएगा व शेष रकम उनके द्वारा माल प्राप्त होने के एक माह के अंदर रूपल चेंस को भुगतान कर दी जाएगी। इन लोगों के द्वारा प्रार्थी को एक 20 रुपये के करेंसी नोट संख्या 34 T 944054 का आधा भाग फाड़ कर दिया व कहा कि जो भी व्यक्ति उक्त नोट का आधा भाग ले कर आए, उसे आप पूरा माल हस्तगत कर दीजिएगा।
विश्वास में आकर दिया पूरा आर्डर, पेमेंट के लिए करने लगे परेशानहम लोग आगरा वापिस आ गए व प्रार्थी की फर्म रूपल चेंस के द्वारा शेड्यूल के मुताबिक निरवी ज्वेलर्स का पूरा आर्डर बना कर दिनांक 25/09/2024 को निरवी ज्वेलर्स के प्रतिनिधि श्री संजय जो कि 20 रुपये के करेंसी नोट संख्या 34 T 944054 का आधा भाग साथ ले कर आए थे, को नोट का मिलान करने के उपरांत जरिये इन्वोइस संख्या 38 दिनांकित 25/09/2024 हस्तगत कर दिया जो कि निरवी ज्वेलर्स को प्राप्त हो गया। निरवी ज्वेलर्स को माल प्राप्त होने के उपरांत प्रार्थी ने जब कान्ति लाल जैन से उक्त चैक संख्या 000002 को भुगतान हेतु बैंक में प्रस्तुत करने की कहा तो कान्ति लाल जैन के द्वारा 2-4 दिन कर के पूरे 50 दिन निकाल दिये अंत में दिनांक 14/11/2024 को प्रार्थी के द्वारा उक्त चैक को भुगतान हेतु अपने बैंक में प्रस्तुत किया तो उक्त चैक आदाता के द्वारा भुगतान रोका गया टिपपड़ी के साथ बिना भुगतान के ही प्रार्थी के पास वापिस आ गया। 3.5 लाख रुपये का ही किया भुगतान
बार बार मांगे जाने पर भी हमारा भुगतान न होने पर दिनांक 14/02/2025 को पुनः प्रार्थी, प्रार्थी की पत्नी व अंजू मित्तल जो कि प्रार्थी की माँ हैं आगरा से अहमदाबाद के लिए निकले व दिनांक 15/02/2025 को निरवी ज्वेलर्स पर कान्ति लाल जैन व रुचिता कौशल जैन के पास पहुंचे व अपना पैसा जो कि तत्कालीन कीमत के अनुसार 71,48,415/- उनकी ओर निकलता था, कान्ति लाल जैन व रुचिता जैन से मांगा लेकिन इन लोगों के द्वारा मात्र 2 लाख रुपये नकद ही प्रार्थी को प्रदान किए व शेष राशि के लिए लिख कर दिया कि हर 15 दिन पर 5 लाख रुपयों का भुगतान करेंगे लेकिन पुनः इन लोगों के द्वारा अपना वादा पूरा न किए जाने पर प्रार्थी को अपने साथ बेईमानी का आभास हुआ व अपने बकाया पैसे के तकादे के लिए हम दिनांक 16/04/2025 को चल कर पुनः इन लोगों के पास अहमदाबाद पहुंचे जहां काफी भला बुरा कहने पर इन लोगो के द्वारा प्रार्थी को नकद रुपये 1,15,000/- व ऑन लाइन जरिये यूपीआई रुपये 35 हजार का भुगतान किया गया व 5 लाख रुपये की राशि का एक चैक संख्या 000007 दिनांकित 24/04/2025 निरवी ज्वेलर्स के आईडीएफ़सी फर्स्ट बैंक शाखा निकोल, अहमदाबाद स्थित खाता संख्या 101104XXXXX का कान्ति लाल जैन के द्वारा जारी कर हस्तगत किया जिसे भुगतान हेतु प्रस्तुत करने से पूर्व प्रार्थी के द्वारा कांतिलाल जैन को उस के मोबाइल 98458XXXXX पर जरिये अपने मोबाइल 76689XXXXX व्हाट्स एप पर दिनांक 25/04/2025 को उक्त चैक को पास कसने की प्रार्थना भी की गई लेकिन दिनाक 28/04/2025 को उक्त चैक भी बिना भुगतान के ही प्रार्थी के पास वापिस आ गया व प्रार्थी को ज्ञात हुआ कि उक्त चैक एक फर्जी एवं कूट रचित चैक है जो कि बैंक के द्वारा मुद्रित नहीं कराया गया है व कान्ति लाल जैन तथा रुचिता कौशल जैन के द्वारा प्रार्थी को धोखा देने के उद्देश्य से अपने आपराधिक षड्यंत्र के अनुक्रम में उक्त चैक की कूट रचना कर उक्त कूट कृत चैक को जान बूझ कर प्रार्थी को हस्तगत किया गया, इन लोगों की मंशा प्रारम्भ से ही बेईमानी की व अपने लुभावने वादों के जाल में फंसा कर हमे धोखा देने की थी, इन लोगों के द्वारा हम से 71, 48, 415/- रुपये तत्कालीन चांदी की कीमत का माल ले कर मात्र हमें 3 लाख पचास हजार का ही भुगतान बामुश्किल किया है व 5 लाख रुपयों का उक्त फर्जी चैक हमें पकड़ा दिया जो कि अत्यंत गंभीर अपराध है।