आगरालीक्स…आगरा में केसर सा मुस्कुराये केसरीनन्दन तो डमरू-ढोल की आवाज़ संग गूंजे जय महाकाल के स्वर. महाकाल की पालकी के दर्शन के साथ मां काली का अखाड़ा निकला…
डमरू की डम डम और ढोल की ढम ढम के साथ जय महाकाल गूंजता स्वर। नंगे पैर कोई भक्त डमरू बजा रहा था तो कोई झूम रहा था । तृतीय श्री हनुमंत शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण उज्जैन से आए बाबा महाकाल की पालकी और अयोध्या के रामलला के होते मनभावन दर्शन। मौका था श्री केसरीनंदन महोत्सव समिति की ओर से हनुमान जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में भव्य शोभायात्रा का।

आगरा के प्रख्यात सुधीर बैंड के साथ 15 बैण्ड और मथुरा के माँ काली के अखाड़े के साथ शोभायात्रा में प्रथम पूज्य गणपति के साथ राजराजेश्वरी कैला माता, राधा-कृष्ण, बागेश्वरधाम सरकार, रामदरबार, शिव परिवार, बांके बिहारी, महाकाल गर्भगृह के दर्शन सहित 35 झांकियां श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही थी। भोले की भक्ति में लीन अजब-गजब चेहरे वाले गणों ने भव्यता में दिव्यता का अहसास कराया। महाकाल बाबा की सेवा मंडली में डमरू वादक शामिल थे।
शोभायात्रा का शुभारम्भ फुलट्टी चौराहा स्थित प्राचीन कुएं वाला मंदिर पर उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के महंत यश गुरु, असम के मां कामाख्या मंदिर से कीर्तिमान महाराज, मनकामेश्वर मंदिर के महंत योगेश पुरी, कैलाश मंदिर महंत निर्मल गिरि, लगड़े की चौकी हनुमान मंदिर के महंत गोपी गुरु, संस्थापक सुधीर शर्मा, संरक्षक अजय अवागढ़, धन कुमार जैन, स्वदेश वर्मा, प्रमोद वर्मा, मोहित गोयल, शिवम् शर्मा, वीरेन्द्र सिंह, संजय अग्रवाल और नितेश शिवहरे ने पूजा-अर्चना कर किया।
अध्यक्ष गौरव बंसल व यात्रा संयोजक कुमुद वर्मा ठाकुर ने बताया कि आगरा में प्रथम बार साउथ के कारीगरों द्वारा निर्मित श्री तिरूपति बालाजी की झांकी के साउथ इंडियन श्रृंगार के भी भक्तो ने दर्शन किये। शोभायात्रा फुलट्टी चौराहे से सिंधी बाजार, फुब्बारा, किनारी बाजार, जौहरी बाजार, सुभाष बाजार, दरेसी, बेलनगंज, पथवारी, घटिया चौराहा से छिली ईट होती हुई फुलट्टी चौक पर विश्राम हुई। यात्रा का जगह-जगह भव्य स्वागत और महाआरती फुलट्टी चौक की गयी। मार्ग में पुष्प व इत्र वर्षा कर 48 प्रमुख स्थानों पर आरती व भव्य स्वागत किया।
नंगे पैर पैदल किये पालकी के दर्शन
महाकाल डोला प्रभारी गप्पू शर्मा और मुख्य डोला प्रभारी देव शर्मा ने बताया कि मार्ग में श्रद्धालुओं ने झांकी का फूल-मालाओं से स्वागत किया। महाकाल की पालकी के पास सभी भक्त भारतीय वेशभूषा में नंगे पैर दर्शन व आरती करते रहे। अवसर पाकर बाबा महाकाल की पालकी को कंधे पर उठाने का पुण्य भी भक्तों ने नहीं गंवाया। दिव्य छप्पन भोग के अलौकिक दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का ताँता लगा रहा। मुख्य चौराहे पर आतिशबाजी की गयी।

थाईलैंड के फूलो से किया खाटू नरेश का श्रृंगार
खाटू नरेश की झांकी का श्रृंगार थाईलैंड फूलों से किया गया था। बजरंगबली की झांकी व फूलबंगला भी मनमोहक था। इस अवसर पर सचिव रवि दूबे, श्याम सुन्दर माहेश्वरी, रिक्की शर्मा, केशव अग्रवाल, ज्योतिमोहन जिंदल, गौरव अग्रवाल, अनुराग शर्मा, सुमित बंसल, शिवा दीक्षित, श्रीराम धाकड़, वंदना सिंह, निधि बंसल, कुमकुम उपाध्याय, तनु जैन, सहदेव वर्मा, अमित शर्मा, सनी शर्मा, आशीष वर्मा, अमित अग्रवाल, दीपेश जैन, सुनील, शुभम, रोबिन, तुषार, आकाश, प्रतीक आदि मौजूद रहे।