आगरालीक्स आगरा में कड़ाके की सर्दी और एक्यूआई बढ़ने से गर्भवती, बच्चे और बुजुर्गों को खतरा। ( Agra News: Health advisory for Pregnant, Old age & Children#Agra )
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने जनपद की समस्त स्वास्थ्य इकाइयों को वायु प्रदूषण के कारण होने वाले रोगों के उपचार के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं और केंद्र द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करने के लिए कहा है। बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, पहले से मौजूद बीमारियों वाले व्यक्तियों और प्रदूषण के संपर्क में आने वाले श्रमिकों सहित कमजोर आबादी विशेष रूप से जोखिम में है. उन्हें वायु प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में घर से निकलते समय मास्क का प्रयोग करें।
गर्भवती व छोटे बच्चों को अधिक परेशानी
वायु प्रदूषण से सबसे ज्यादा असर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों पर होता है. सीएमओ ने बताया कि वायु प्रदूषण से विशेष रूप से पांच वर्ष से कम आयु के बच्चे और गर्भवती महिलाओं पर खतरनाक असर हो सकता है. पहले के समय में लोगों को श्वसन, हृदय और सेरेब्रोवास्कुलर सिस्टम से जुड़ी बीमारियों से अधिक खतरा होता था.
इसके इलावा निम्न सामाजिक-आर्थिक स्थिति, खराब पोषण स्थिति, खराब मकान में रहने, खाना पकाने, हीटिंग और लाइटिंग के लिए अवैध ईंधन का उपयोग करने वाले लोग भी जोखिम में हैं. बाहरी काम करने वाले समूह जैसे यातायात पुलिस, निर्माण श्रमिक, सड़क साफ करने वाले, रिक्शा खींचने वाले, ऑटो-रिक्शा ड्राइवर, सड़क किनारे विक्रेता और अन्य बाहरी वायु प्रदूषित वातावरण में काम करने वाले लोग भी जोखिम में हैं. सीएमओ ने कहा कि घरेलू कामकाज करने वाली महिलाएं, खाना पकाने के लिए आग जलाने और धूल के संपर्क में आने वाले लोग भी ऐसे में अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें।