आगरालीक्स…अपनी जैसी सोच न पाकर बच्ची का मूड बिगड़ जाता है, इसे मूड स्विंग कहते हैं, मेंस्ट्रुअल, पीसीओडी, स्किन इश्यू तमाम बातें हैं जो परेशान करती हैं, डाॅक्टर दीदी ने खोला किशोरी क्लीनिक, बिटिया अब बोलेगी
अपनी जैसी सोच न पाकर बच्चे का मूड बिगड़ना स्वभाविक है। इसे ही मूड स्विंग कहते हैं। मेंस्ट्रुअल प्राॅब्लम, वेट लाॅस, स्किन इश्यू, पीसीओडी समेत कई ऐसी समस्याएं हैं जिनके बारे में किशोरियों को या तो पता ही नहीं या फिर जानते हुए भी छिपाती हैं। ऐसे में किशोरी क्लीनिक वरदान साबित हो सकता है। शहर कीं युवा चिकित्सक डाॅ. नीहारिका मल्होत्रा एमजी रोड स्थित अपने मल्होत्रा नर्सिंग एंड मैटरनिटी होम में किशोरी क्लीनिक की शुरूआत की है। हर शुक्रवार को वे किशोरी क्लीनिक लगाती हैं, जहां शाम चार से छह बजे तक किशोरियों को परामर्श दिया जाता है।

डाॅ. नीहारिका ने बताया कि किशोरावस्था में आकर न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक बदलाव होते हैं और यौन परिपक्वता शुरू हो जाती है। यह नई तरह के बदलाव होते हैं और इसी के साथ समाज को देखने के नए दृष्टिकोण की शुरूआत भी हो जाती है। कई मामलों में देखा गया है कि इन नए बदलावों को बच्चे समझ नहीं आते। खासकर किशोरियां जो पहले ही अपने मन और शरीर से संवेदनशील होती हैं वे इन बदलावों और समस्याओं के बारे में बात भी नहीं करतीं। इसी झिझक को तोड़ने के मकसद से उन्होंने किशोरी क्लीनिक शुरू किया है। टीन एज गर्ल्स हर शुक्रवार को शाम चार से छह बजे तक इस किशोरी क्लीनिक पर आकर उनसे बात कर सकती हैं, ग्रुप डिस्कशन कर अपने मन की जिज्ञासाएं शांत कर सकती हैं, भ्रम दूर कर सकती हैं और अगर इलाज की जरूरत है तो इलाज भी करा सकती हैं।