आगरालीक्स…आगरा रीजन में 11.46 करोड़ के मिड डे मील घोटाले का मुख्य अरोपी प्रधानाध्यापक चंद्रकांत शर्मा निलंबित. अकेले संभव नहीं, विजिलेंस की रडार पर अब 50 अधिकारी और कर्मचारी…
आगरा रीजन के फिरोजाबाद जिले में आए सनसनीखेज मामले में अब कार्रवाई शुरू कर दी गई है. 11.46 करोड़ रूपये के मिड डे मील घोटाले के मुख्य आरोपी प्रधानाध्यापक चंद्रकांत शर्मा को निलंबित कर दिया गया है. मुख्य शिक्ष अधिकारी ने निलंबन के आदेश जारी किए हैं. इधर विजिलेंस टीम ने भी जांच और कड़ी कर दी है. बीएसए कार्यालय में पत्रावलियों की जांच चल रही है. विजिलेंस का मानना है कि इतना बड़ा घोटाला अकेले संभव नहीं हैं, जांच टीम का मानना है कि सात वर्ष तक चली 11.46 करेाड़ रूपये के बंदरबांट विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है. ऐसे में विजिलेंस के रडार पर अब शिक्षा विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी भी आ गए हैं. विजिलेंस ने बेसिक शिक्षा विभाग, उप निबंधक फर्म्स एवं चिट समेत आठ विभागों को आरोपी बनाया है. प्रभारी एसपी विजिलेंस आगरा परिक्षेत्र आलोक शर्मा के मुताबिक मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसकी विवेचना की जा रही है.
शिक्षक, सात बैंक सहित चिट फंड और शिक्षा विभाग के खिलाफ मुकदमा
आगरा के विजिलेंस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है, इसमें आरोप लगाए गए हैं कि शिकोहाबाद, फिरोजाबाद में तैनात प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक चंद्रकांत शर्मा निवासी आवास विकास कॉलोनी आगरा ने 2006 में सारस्वत आवासीय शिक्षा सेवा समिति के नाम से चिट फंड कार्यालय में फर्जी दस्तावेजों से संस्था का पंजीकरण कराया। इसके दो साल बाद 2008 में शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मिलीभगत कर फिरोजाबाद जिले के सरकारी विद्यालयों में मिड डे मील सप्लाई करने का ठेका ले लिया।

विजिलेंस जांच में खुला घोटाला, जिंदा माता पिता को दिखा दिया मृत
फिरोजाबाद में मिड डे मील में घोटाले की शिकायत पर विजिलेंस ने जांच की। इसमें सामने आया है कि सारस्वत आवासीय शिक्षा सेवा समिति के अध्यक्ष के पद पर शिक्षक चंद्रकांत शर्मा ने अपने पिता और प्रबंधक व सचिव के पद पर मां, कोषाध्यक्ष के पद पर पत्नी को रखा, जैसे ही मिल डे मील का काम मिला। अपने मांता पिता को शिक्षक ने मृत दर्शा दिया। जबकि माता पिता जीवित हैं। यही नहीं शिक्षक चंद्रकांत शर्मा ने फर्जी दस्तावेज से खुद को सुनील कुमार बताते हुए संस्था का कोषाध्यक्ष बन गया।
छह बैंकों में ट्रांसफर की रकम, 11 करोड़ से अधिक का घोटाला
2008 से 2014 तक सारस्वत आवासीय शिक्षा सेवा समिति को मिड डे मील सप्लाई करने का काम मिला। इसके लिए संस्था के पंजाब नेशनल बैंक के एकाउंट में 114648500 रुपये का भुगतान किया गया। जांच में सामने आया कि चंद्रकांत शर्मा ने बैंक अधिकारियों से मिलीभगत कर आगरा की कई बैंकों में अपना एकाउंट खोला और इन एकाउंट में पैसा ट्रांसफर करा लिया।
मिड डे मील के घोटाले की रकम से प्रोपर्टी में किया निवेश
जांच में सामने आया है कि शिक्षक चंद्रकांत शर्मा ने मिड डे मील में 11 करोड़ से अधिक का घोटाला करने के बाद रकम से प्रोपर्टी में निवेश किया। कई कोठी बनाई, अपने और परिवार के सदस्यों के नाम से बार और रेस्टोरेंट भी खोल लिए।
छह बैंक सहित सात विभागों के खिलाफ मुकदमा
इस मामले में विजिलेंस के इंस्पेक्टर अमर सिंह का मीडिया से कहना है कि मिड डे मील घोटाले में शिक्षक चंद्रकांत शर्मा के साथ ही मिड डे मील समन्वयक, डाक विभाग, आवास विकास परिषद, नगर निगम फिरोजाबाद, चिट फंड, टोरंट पावर के साथ ही पीएनबी बैंक शिकोहाबाद, एक्सिस बैंक आगरा, सिंडीकेट बैंक, बैंक आफ महाराष्ट्र, कारपोरेशन बैंक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।