आगरालीक्स….मानव अंग तस्करी गिरोह में फंसा युवक. 24 लाख में हुआ किडनी बेचने का सौदा. किडनी भी चली गई और पैसे भी नहीं मिले. दो गिरफ्तारी के बाद ऐसे खुला मानव अंग तस्करी गिरोह का खुलासा…
आगरा जिले के एटा में मानव अंग तस्करी गिरोह के सक्रिय होने का खुलासा हुआ है. पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों को अरेस्ट किया है. इसका खुलासा किडनी का 24 लाख में सौदा होने और फिर पैसे न मिलने के बाद हुआ है. पुलिस गिरोह के सदस्यों से और पूछताछ कर रही है.
ये है पूरा मामला
एटा के भगीपुर में रहने वाले राजकुमार ने थाना शहर कोतवाली में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया कि उसका भाई किशन इसी साल 23 फरवरी को शहर के मोहल्ला श्याम नगर में रहने वाले रॉकी उर्फ अश्वनी के साथ विशाखापट्टनम गया था. किशन के फेसबुक एकाउंट से रॉकी द्वारा बताए गए नंबरों पर किडनी बेचने की बात हुई थी. किडनी बेचने का सौदा 24 लाख रुपये में हुआ था. किशन को रॉकी अपने साथ विशाखापट्टनम ले गया और यहां एक लॉज में जाकर रुके. यहीं के श्री दुर्गा अस्पताल में किशन की किडनी निकाली गई. किशन को 24 लाख रुपये का चेक लखनऊ स्थित एसबीआई बैंक मोहनलालगंज का दिया गया.

चेक लेकर किशन और रॉकी लखनऊ में बताए गए साथ शिवाजी शुक्ला के पास गए. यहां शिवाजी शुक्ला ने किशन को सीधे ब्रांच से कैश कराने की बात कह दी लेकिन चेक क्लियर नहीं हुआ. इस दौरान किशन की तबियत भी खराब हो गई. 18 अप्रैल को किशन ने फोन द्वारा इसकी जानकारी अपने भाई राजकुमार को दी. राजकुमार किशन से मिलने लखनऊ गया और चारबाग स्टेशन पर उसे किशन मिला. किशन ने राजकुमार को किडनी बेचने जाने की पूरी जानकारी दी. इसपर किशन को एटा लाया गया. 21 अप्रैल को तबियत खराब होने पर किशन को अस्पताल लेकर जा रहे थे कि प्रेमनगर चोराहा पर रॉकी दिख गया. किशन के कहने पर मोहल्ले के लोगों ने रॉकी को पकड़ लिया और उसे पेड़ से बांध दिया.
सूचना पर पहुंची पुलिस ने रॉकी से पूछताछ की तो उसने अपने एक साथ का नाम दीपक उपाध्याय निवासी गंगानहर बताया. पुलिस ने दोनेां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. पूछताछ के आधार पर आरोपियों द्वारा विशाखापट्टमन में रहने वाले राजेश, चिकित्सक माधव व लखनऊ निवासी शिवाजी शुक्ला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है. एसएसपी उदयशंकर ने बताया कि इस मामले की जांच की जा रही है.