आगरालीक्स…आगरा में कम नही हो रहा डॉक्टरों का गुस्सा, हड़ताल के बाद 2 अप्रैल को प्रोटेस्ट डे घोषित, काली पट्टी बांधकर करेंगे काम, जानिए क्या हैं 5 प्रमुख मांगें जो गुस्से को कर सकती हैं कम
राजस्थान के दौसा में महिला चिकित्सक की आत्महत्या के बाद आगरा में डॉक्टरों का गुस्सा कम नही हो रहा है। वे लामबंद हो गए हैं। 31 मार्च 2022 को हड़ताल के बाद अब नेशनल आईएमए के आह्वान पर 2 अप्रैल को उन्होंने प्रोटेस्ट डे घोषित कर दिया है। आगरा में 24 घण्टे तक अस्पताल और क्लिनिक बंद रहे। डॉक्टरों ने मरीज नही देखे। इमरजेंसी सेवाएं भी ठप कर दी गईं। शुक्रवार सुबह 6 बजे करीब अस्पतालों के दरवाजे खोल दिए गए लेकिन विरोध अभी जारी है। डॉ अर्चना शर्मा के लिए न्याय की मांग की जा रही है। इसी के चलते 2 अप्रैल को वे काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे।

अध्यक्ष डॉ. ओपी यादव ने बताया कल के प्रोटेस्ट डे में सभी स्टेट एवं लोकल ब्रांच अपने अपने क्षेत्र के एमपी, एमएलए, डीएम से मिलकर उन्हें ज्ञापन देकर यह बताएंगे कि जो यह घटना हुई उसमें जो भी लोग दोषी हैं उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएl
ऐसा ही पत्र कुछ मांगो के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , ग्रह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं अन्य सभी बड़े मंत्रियों को लिखकर भेजा जाएगा। कई स्थानों पर पोस्टर एवं पैंफलेट लगाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
ये हैं 5 प्रमुख मांगें
सचिव डॉ पंकज ने बताया कि कल के प्रोटेस्ट डे में जो मांगे रखी गई हैं उनमें मुख्यतः
1- दोषियों का पकड़ा जाना एवं सभी पुलिस कर्मियों को जो इसमें शामिल थे उनको सजा देना।
2- डॉ अर्चना शर्मा के परिवार को फाइनेंशियल कंपनसेशन दिलवाना।
3- राष्ट्रीय स्तर पर ऐसा कानून बनना जो कि चिकित्सकों पर हिंसा रोके।
4- चिकित्सकों को कंजूमर प्रोटेक्शन एक्ट से बाहर रखना।
5- आईपीसी की धाराओं में परिवर्तन कर चिकित्सकों को इस तरह की धाराओं से दूर रखना।