आगरालीक्स ….आगरा में धारा 144 बढ़ा दी है। एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह के अनुसार, अब तीन अक्टूबर तक आगरा में धारा 144 लागू रहेगी। एक जगह पर चार से अधिक लोग एकत्रित नहीं होंगे। किसी भी तरह की गतिविधि, जुलूस सार्वजनिक स्थलों पर बिना अनुमति के नहीं हो सकेंगे। धारा-144 का उल्लंघन करने वाले को पुलिस तत्काल मौके पर ही गिरफ्तार करने का ह़क रखती है. उस शख्स की गिरफ्तारी धारा 107 या फिर 151 के तहत भी की जा सकती है.

मिल जाती है जमानत
धाराएं (107 और 151) जमानती धाराएं हैं. इनमें एक शपथ पत्र (बॉंड) लेकर आरोपी को रिहा किया जा सकता है. यह जहां जमानती अपराध है. वहीं अगर इस धारा के उल्लंघन में सजा की बात की जाए तो आरोप सिद्ध होने पर, आरोपी को इस धारा के उल्लंघन में एक साल तक की सजा का भी प्राविधान है. दं प्रक्रिया संहिता 1973 हमारे देश में (हिंदुस्तान में) आपराधिक कानून के क्रियान्वयन के लिए मुख्य कानून है. यह सन् 1973 में पारित किया गया था. हालांकि देश में इसे लागू 1 अप्रैल सन् 1974 को किया जा सका था. कोर्ट-कचहरी की भाषा में इसे ही सीआरपीसी की धारा-144 के नाम से भी जाना-पहचाना जाता है. भले ही इस धारा की पेचदगियों से हर नागरिक वाकिफ न हो. हां धारा 144 हर धरना-प्रदर्शन स्थल पर लगाई जाती है. यह बात सब जानते हैं.