आगरालीक्स…छह माह का बच्चा होने पर सिर्फ मां का दूध ही पर्याप्त नहीं. खाने में दे सकते हैं ये चीजें. एसएन के बाल रोग विभाग में चिकित्सकों ने दी कई जरूरी जानकारियां
पूरक दिवस के उपलक्ष में एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ प्रशांत गुप्ता के संरक्षण में बाल रोग विभाग में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में पूरक आहार के बारे में डॉ नीरज कुमार आचार्य एवं विभागाध्यक्ष बाल रोग विभाग ने बताया कि प्रत्येक शिशु को छह माह के बाद सेमी लिक्विड नष्ट और चॉप्ड खाना खिलाना अवश्य प्रारंभ करें नहीं तो बच्चे को सूखा रोग, खून की कमी हो सकती है। बार बार बीमार पड़ सकता है एवं उसके शारीरिक एवं मानसिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जल्दी आहार शुरू करने से भी बच्चों की आंतों की पाचन क्रिया तैयार नहीं होने के कारण बच्चों को अपाच, दस्त एवं उल्टी होने का खतरा रहता है।

डॉ मधु नायक सह आचार्य बाल रोग विभाग एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा ने बताया कि 6 माह के बाद केवल मां का दूध बच्चों के लिए पर्याप्त नहीं होता इसलिए बच्चों को मां के दूध के साथ-साथ ऊपर के खाने की आवश्यकता होती है। बच्चों को बिस्कुट, चॉकलेट, मैगाचिप्स, टॉफी कुरकुरे इत्यादि बाहर का पैकेट सामान नहीं खिलाना चाहिए। गाय एवं भैंस का दूध भी 1 वर्ष से पहले नहीं देना चाहिए।
डॉ राम क्षितिज शर्मा सह आचार्य बाल रोग विभाग एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा ने पूरक आहार के फायदे बताए। पूरक आहार से शारीरिक विकास अच्छा होता है और बच्चों में खून की कमी नहीं होती एवं बच्चे बार-बार बीमार नहीं पड़ते हैं। फल एवं हरी सब्जियों का जूस एवं सूप बनाकर बच्चों को 2 से 3 बार दिन में खिलाएं। इसके साथ ही बच्चों को 2 वर्ष तक मां का दूध भी अवश्य देना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन डॉ मेघा सहायक आचार्य बाल रोग विभाग एसएन मेडिकल कॉलेज ने किया। कार्यक्रम में डा राजेशवर दयाल आचार्य बाल रोग विभाग ,डा अनामिका गोयल, डा मेघा अग्रवाल ,डा शिखा गुप्ता, डा सैम अली खान ,डा गुरमीत सिंह आदि उपस्थित रहे।