आगरालीक्स…आगरा में सोच और रूह के जश्न, फिल्म साहित्य और संगीत की त्रिवेणी ताज साहित्य उत्सव का शुभारंभ. फिल्म अभिनेता राजपाल यादव रहे आकर्षण
जहां सात समुन्द्र की माप खत्म होती है, वहां से होता है कला का उद्गम। जीवन के रंगमंच पर हम सब छोटे-छोटे पात्र हैं, जो हमें सम्भाले हैं, वह भगवान हैं। सोच और रूह के जश्न, फिल्म साहित्य और संगीत की त्रिवेणी इंटरनेशनल ताज साहित्य उत्सव का शुभारम्भ के अवसर पर यह वक्तव्य अपने हास्य से लोगों का बीपी कंट्रोल करने वाले अभिनेता राजपाल ने दिए. कार्यक्रम का शुभारम्भ वैदिक मंत्रच्चारण के साथ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष सभी गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रजज्वलित कर किया.

इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक पवन आगरी व कार्यक्रम समन्वयक व स्कूल के प्रधानाचार्य पुनीत वशिष्ठ भी मौजूद थे. उप्र महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चौहान ने कहा कि साहित्य से युवा पीढ़ी अलग हो रही है. आज की पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने के लिए यह उत्सव अच्छा मंच है, जहां राष्ट्रीय स्तर के लोग शामिल हैं. कहा कि सोशल मीडिया जब से दोस्त बना है, दिमाग ने काम करना बंद कर दिया है. उन्होंने युवा पीढ़ी को सोशल मीडिया से दूर रहने की सलाह देते हुए अभिभावकों को अपने बच्चों को साहित्य व संस्कारों से जोड़ने को कहा.

अतिथियों का स्वागत पौधे भेट कर किया गया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में स्कूल के बच्चों ने इतनी शक्ति हमें देना दाता प्रार्थना के साथ कई प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर मुख्य रूप से कान्ता प्रसाद अग्रवाल, पंकज शर्मा, कुलदीप ठाकुर, सुरेश चंद गर्ग, एसए यादव, एडीएम आजाद भगत सिंह, राजेन्द्र सचदेवा, संजय तोमर, ज्ञानेन्द्र आदि उपस्थित रहे।