आगरालीक्स…आगरा कॉलेज की नालबंद चौराहे से सटी 340 बीघा भूमि पर बाउंड्री वॉल निर्माण का कार्य शुरू. भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में लिया अतिक्रमण हटाकर लिया कब्जा
आगरा कॉलेज, आगरा की लगभग 340 बीघा भूमि पर बहुप्रतीक्षित बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य का आज विधिवत शुभारंभ हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य निवास के पीछे तथा नालबंद चौराहा से सटी भूमि पर, जहाँ पूर्व में बाउंड्री क्षतिग्रस्त थी, निर्माण कार्य का शुभारंभ प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम द्वारा किया गया। इस अवसर पर कॉलेज के शिक्षकों, कर्मचारियों और हजारों विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।मंडलायुक्त की अध्यक्षता में सम्पन्न पिछली बैठक में आगरा कॉलेज की बाउंड्री-विहीन भूमि पर बाउंड्री वॉल निर्माण का प्रस्ताव पारित किया गया था। प्राचार्य आगरा कॉलेज द्वारा कॉलेज की 340 बीघा भूमि के स्वामित्व और संरक्षण के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। नाले के समीप स्थित भूमि के स्वामित्व संबंधी अभिलेखों का राजस्व विभाग से सत्यापन कराए जाने के उपरांत ही मंडलायुक्त, जिलाधिकारी एवं पुलिस आयुक्त महोदय द्वारा निर्माण कार्य के आदेश पारित किए गए। भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों द्वारा बाउंड्री की खुदाई का कार्य प्रारंभ हुआ। संपूर्ण प्रक्रिया के दौरान पुलिस प्रशासन ने कॉलेज प्रशासन को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराई।
यह उल्लेखनीय है कि आगरा कॉलेज की द्विशताब्दी वर्षगांठ पर कॉलेज प्रबंधन समिति द्वारा कुल नौ नई परियोजनाओं के प्रस्ताव उच्च शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन को प्रेषित किए गए थे, जिन्हें माननीय मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेंद्र उपाध्याय द्वारा स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इन्हीं परियोजनाओं के अंतर्गत कॉलेज की भूमि पर विभिन्न शैक्षणिक संस्थान एवं सुविधाएँ स्थापित की जाएंगी। इनमें सर्वाधिक महत्वपूर्ण बहुमंजिला “द्विशताब्दी वर्ष आचार्य चाणक्य परीक्षा भवन” है, जिसमें एक साथ तीन से चार हजार विद्यार्थियों के परीक्षा देने की व्यवस्था होगी। साथ ही, एक हजार विद्यार्थियों हेतु कम्प्यूटरीकृत परीक्षा केंद्र का भी निर्माण प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की भी स्थापना की जाएगी।
इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम ने कहा—
कॉलेज की भूमि की सुरक्षा, संरक्षा एवं सौंदर्यीकरण हमारे संस्थान की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बाउंड्री वॉल बनने के उपरांत छात्रों के हित में अनेक विकासपरक योजनाएँ चरणबद्ध तरीके से संचालित की जाएंगी।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भूमि संबंधी सभी वैधानिक परीक्षण और दस्तावेजों की पुष्टि के उपरांत ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है, जिसे शासन, राजस्व विभाग तथा आगरा जिला प्रशासन की औपचारिक अनुमति प्राप्त है। निर्माण कार्य के दौरान मंडलायुक्त एवं जिलाधिकारी, आगरा की अनुमति से पर्याप्त पुलिस एवं पीएसी बल की उपस्थिति सुनिश्चित की गई, जिससे संपूर्ण प्रक्रिया पूर्णतः शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुई। इस अवसर पर कॉलेज परिवार के शिक्षकगण, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और जेसीबी से प्रारंभ हुए निर्माण कार्य के साक्षी बने। सायंकाल तक तीन जेसीबी मशीन बाउंड्री वॉल की नींव खोदने का कार्य तेजी से कर रही है ।
ज्ञातव्य है कि आगरा कॉलेज की विस्तृत भूमि पर वर्षों से अराजक तत्वों द्वारा अतिक्रमण किया जाता रहा है। प्राचार्य ने स्पष्ट किया कि भविष्य में शेष भूमि पर से भी अतिक्रमण हटाकर उसे सुरक्षित किया जाएगा। नाले के पार स्थित भूमि पर अवैध रूप से निर्मित भवनों को भी प्रशासनिक सहयोग से कॉलेज के नियंत्रण में लाने का प्रयास किया जाएगा। स्टाफ क्लब, आगरा कॉलेज के सचिव प्रो. विजय सिंह एवं उनकी कार्यकारिणी ने प्राचार्य डॉ. सी. के. गौतम के इस ऐतिहासिक प्रयास के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बाउंड्री निर्माण का यह कार्य कॉलेज की गौरवशाली धरोहर को सदा सुरक्षित रखने में मील का पत्थर सिद्ध होगा।