आगरालीकस…आगरा के बाबा श्री मनकामेश्वर रामलीला में हुई पुष्प वाटिका, शिव धनुष भंग और परशुराम संवाद की लीला
गढ़ी ईश्वरा, दिगनेर, शमशाबाद में गुरुवार को आयोजित बाबा श्री मनकामेश्वर रामलीला महोत्सव 2025 के चौथे दिवस पर भक्तिमय और दिव्य लीला का मंचन हुआ। श्रीमहंत योगेश पुरी एवं मठ प्रशासक हरिहर पुरी की उपस्थिति में लक्ष्मीनारायण स्वरूप की आरती से मंचन की शुरुआत हुई, और पूरा पंडाल भक्तिमय नाद से गूंज उठा। चतुर्थ दिवस की लीला में दर्शकों ने प्रभु श्रीराम के जीवन के प्रमुख प्रसंगों का आनंद लिया। “पुष्पों की महक से सजी, चरणों में बिछी राह। प्रभु आए राम रूपधारी, भक्त हुए हर्षित भाग॥” श्री राम जानकी की पुष्प वाटिका में प्रथम भेंट देखकर भक्ति आनंद विभोर हो गए। इसके बाद “शिव धनुष उठाया, शक्ति दिखाई अपार।
धनुष भंग कर धर्म की, कीर्ति बढ़ाई संसार॥”

शिव धनुष भंग लीला में भगवान श्रीराम ने शिवधनुष को तोड़कर अपनी शक्ति और धर्मपरायणता का अद्भुत प्रदर्शन किया।
“परशुराम संग संवाद, ज्ञान का सागर छाया।
भक्तिमय हृदय गाया, जय श्रीराम का आह्वान आया॥”
श्रीराम-परशुराम संवाद में महाबली परशुराम और भगवान श्रीराम के बीच संवाद ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्तों ने आरती, मंगलगीत और प्रसाद वितरण के माध्यम से इस दिव्य क्षण का आनंद लिया। श्रीमहंत योगेश पुरी ने कहा कि राम लीला केवल मंचन नहीं, बल्कि भगवान और भक्त के बीच का जीवंत संवाद है। मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि महोत्सव की आत्मा भक्ति और सेवा है। शुक्रवार को 6 बजे भव्य राम बारात निकलेगी।