आगरालीक्स…आगरा में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा—विवि को नेक द्वारा ‘ए‘ प्लस ग्रेड सभी की मेहनत का नतीजा.. विश्वविद्यालय वर्ल्ड रैंकिंग में 100वीं रैंकिंग तक प्राप्त करने का करे प्रयास..
आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि के 91वें दीक्षान्त समारोह में प्रदेश की राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि आज यह पावन अवसर हर्ष व गर्व की अनुभूति दे रहा है, दीक्षांत समारोह कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि यह ज्ञान, अनुशासन व संस्कार का उत्सव है, इसके बाद हम शिक्षा समाप्त कर नई दिशा की तरफ कदम बढ़ाते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय को नेक द्वारा ‘ए‘ प्लस ग्रेड प्राप्त करने में किए गये प्रयासों विस्तृत रूप से बताया तथा इसे सामूहिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय की कुलपति, सभी विभागों के अध्यक्ष, प्रोफेसर, सभी कर्मचारियों, सफाई स्टाफ आदि का प्रयास व मेहनत है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी में समृद्ध पुस्तकें हैं, यहां रखी पाण्डुलिपियों का डिजिटलाइजेशन कराया गया है, पहले यूनिवर्सिटी की क्षमता को बर्वाद करने का प्रयास किया जा रहा था, रोज नकारात्मक खबरें विश्वविद्यालय के बारे में मिलती थी, हमने संकल्प लिया कि ये हम नहीं होने देंगे, और सभी ने मिलकर ‘ए‘ प्लस ग्रेड प्राप्त कर सबकी बोलती बन्द कर दी।
राज्यपाल ने विश्व विद्यालय को शुभकामनायें देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय वर्ल्ड रैंकिंग में 100वीं रैंकिंग तक प्राप्त करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को मिले ‘ए‘ प्लस ग्रेड यह महत्व है कि इस बार 100 से ज्यादा विदेशी छात्र-छात्राओं ने यहां प्रवेश लिया है, उन्होंने कहा कि उ0प्र0 में विदेशी यूनिवर्सिटी के साथ एमओयू साइन किए गये हैं, जिससे छात्रों को अत्यंत लाभ मिल रहा है, आज हमारी 07 यूनिवर्सिटी 07 एशिया कि उच्च रैंकिंग में हैं, उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए कि वह अधिक से अधिक रिसर्च वर्क हेतु प्रोफेसर व छात्रों को फण्ड की सुविधा उपलब्ध कराये, तथा साइंस व टेक्नोलॉजी में ग्रांट जारी कर शोध कार्य को अधिक से अधिक बढावा दें।
राज्यपाल ने कहा कि सरकार द्वारा विश्वविद्यालयों को जो ग्रांट मिलती है, उसका बढ़ा हिस्सा बिना खर्च किए वापस चला जाता है, उन्होंने कहा कि नये शोध प्रोजेक्ट के हिसाब से ग्रान्ट जारी करें, तथा समस्त पोर्टल का उपयोग करें। विश्वविद्यालय के लिए आगामी 25 वर्षों की आवश्यकता हेतु कार्ययोजना, व विजन लेकर कार्य करें, उन्होंने हाल ही में अंतरिक्ष यात्रा से वापस लौटे सुभांशु शुक्ला का उदाहरण देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ऐसे छात्र पैदा करे। हमारा देश विकसित राष्ट्र, बोलने से नहीं काम करने, बदलाव लाने से बनेगा, उन्होंने कहा कि आज दीक्षान्त समारोह में आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चों हेतु किट प्रदान की गई, इन केन्द्रों पर बच्चों हेतु खाने, खेलने के साधन उपलब्ध कराये जाएं, यूनिवर्सिटी व संस्थायें आगे आयें, इस मुहिम द्वारा अब तक 40 हजार आंगनबाड़ी केन्द्रों पर किट की उपलब्धता कराई गई है, कई जिलों में शत-प्रतिशत केन्द्रों को आच्छादित कर लिया गया है, इस हेतु कम्पनियों, संस्थाओं को सीएसआर फण्ड देने हेतु भी प्रेरित करें। हमारे बच्चे सशक्त होंगे तो राष्ट्र सशक्त बनेगा, मा0 राज्यपाल महोदया ने कहा कि शैक्षिक क्षेत्र में प्रगति हेतु कक्षा के0जी0 से पी0जी0 तक एक समग्र शिक्षा की कार्ययोजना बनें, महिला बाल विकास विभाग, बेसिक शिक्षा, माध्यमिक व उच्च शिक्षा विभाग आपस में जुड़कर समन्वय के साथ 10 वर्ष की ठोस कार्ययोजना बनायें। राज्यपाल ने यूनिवर्सिटी की कार्यशीलता व इसमें आये बदलाओं के बारे में बताते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी के कुलपति के 2019 के दीक्षान्त समारोह की प्रगति आख्या प्रस्तुति तथा 2025 की प्रगति आख्या सम्पूर्ण स्थिति को स्पष्ट कर देते हैं, उन्होंने अपने सम्बोधन के अन्त में सभी पदक व उपाधि प्राप्त करने वालों को शुभकामनायें दी।राज्यपाल ने बच्चों को सराहा
उन्होंने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि इस बार दीक्षान्त समारोह में बच्चों द्वारा सुन्दर पेंटिंग प्रतियोगिता की गई, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर की भी सुन्दर पेंटिंग बनाई गई, निबंध लेखन व हेंडराइटिंग प्रतियोगिता में बच्चों ने खूबसूरत हैण्डराइिंटंग की, तथा भाषण प्रतियोगिता में छोटे बच्चों द्वारा जल के महत्व पर अपनी स्पीच दी, विश्वविद्यालय का यह प्रयास बहुत अच्छा था। राज्यपाल ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने जल का संरक्षण किया, जिसका आज हम उपयोग कर रहे हैं, हम भी अपनी आगामी पीढ़ी के लिए जल को संरक्षित करें, सम्पूर्ण विश्व जल संकट के कगार पर है, हम सभी दैनिक जीवन में व्यक्तिगत रूप से पानी बचाने का संकल्प करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश में खेलो इण्डिया का शुभारम्भ किया तथा इससे पूर्व गुजरात में इनके द्वारा खेले गुजरात की पहल की, इसके द्वारा देश के लाखों बच्चों को ट्रेनिंग दी गई, जिससे खेल जगत में देश को लाभ हुआ है, सभी बच्चे अलग-अलग प्रतिभा सम्पन्न होते हैं, उनकी प्रतिभा की पहचान करें, उन्हें निखारें, कम्पटिशन को बढ़ावा दें, कम्पटिशन से ही प्रतिभा निखार व उनकी पहचान होती है।
उन्होंने कहा कि सफाई कामदार का बेटा, सफाई कामदार न बने, हमें समाज के अन्तिम व्यक्ति की सोच बदलनी होगी, अन्तिम पायदान पर बैठे व्यक्ति के जीवन में बदलाव आये, यहीं इस दीक्षान्त समारोह का हेतु होना चाहिए। मा0 राज्यपाल महोदया ने सामाजिक, व्यावसायिक संस्थाओं, उद्योगपति, विश्वविद्यालयों का आवाहन किया कि गरीब बच्चों को शिक्षित करने हेतु वह कार्य करें, तथा उनके जीवन में बदलाव लायें। मा0 राज्यपाल महोदया ने राजभवन द्वारा झुग्गी, झोपड़ी के बच्चों की शिक्षा, गरीब बच्चों की फीस की प्रतिपूर्ति आदि कराये जा रहे कार्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि गरीब बच्चों को शिक्षित बनाने में मदद करें।