आगरालीक्स…आगरा में दिवाली पर डीईआई में मनाया जा रहा है ‘इनोवेशन, क़्वालिटी और वैल्यूएशन दिवस’. खेतसेवाके दौरान हुई कई प्रतियोगिताएं.
‘इनोवेशन, क़्वालिटी और वैल्यूएशन दिवस’ (दिवाली 2022) आयोजन की निरंतरता में आज दूसरे दिन दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट द्वारा प्रातः कालीन खेतसेवा के दौरान विद्यार्थियों की विभिन्न प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। सुबह का सत्र आशुभाषण प्रतियोगिता से शुरू हुआ जिसका विषय था-पूर्ण व्यक्तित्त्व के विकास के लिए आध्यात्मिक मूल्यों की भूमिका’. विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों द्वारा इस विषय पर अपने विचार व्यक्त किए गए। इसके बाद प्रेम विद्यालय और आर ई आई कॉलेज की विभिन्न काव्यपाठ प्रतियोगिताओं में विजेता प्रतिभागियों का काव्यपाठ हुआ। इस अवसर पर भक्ति संगीत की भी प्रस्तुति हुई। उपस्थित दर्शकों के लिए दयालबाग महिला रैपिड एक्शन फोर्स की प्रस्तुतियों की झलक भी दिखाई गई। साथ ही निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा शिविर एव बहु कौशल आधारित प्रदर्शनी ने भी अपनी ओर लोगों का ध्यान आकृष्ट किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर बोलते हुए मुख्य आयकर आयुक्त आगरा एस नय्यर अली आज़मी ने ‘नैतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों द्वारा शिक्षा आधारित सामाजिक संवेदनशीलता’ विषय पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को समाज के दूसरे व्यक्तियों के सापेक्ष एक मूल्यपरक जीवन जीने का तरीका विकसित करना चाहिए, उसका अभ्यास करना चाहिए और नेतृत्व करना चाहिए। एक उच्च चेतना से युक्त व्यक्ति ही ऐसा मूल्यपरक जीवन जी सकता है और जीने की प्रेरणा दे सकता है। उन्होंने दयाल की सहभागिता, सामुदायिकता, श्रम और उच्च आध्यत्मिकता से युक्त जीवन शैली को वृहत्तर समाज के लिए भी अनुकरणीय बताया। राष्ट्र और समाज निर्माण के लिए दयालबाग के प्रयासों की उन्होंने सराहना की।

इस अवसर पर परम् पूज्य प्रो. पी. एस. सत्संगी साहब, अध्यक्ष, शिक्षा सलाहकार समिति, दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, और रानी साहिबा की गरिमापूर्ण उपस्थिति रही। प्रो. पी एस सत्संगी साहब ने कहा कि सच्ची चेतना की सतत खोज, सौहार्द्रपूर्ण जीवन शैली और उच्च विचार के प्रति सम्मान भावना ही वह रास्ता है जिसके जरिए मनुष्य अपनी आंतरिक दुर्बलताओं पर विजय प्राप्त कर सकता है और खुद के जीवन को महत्त्वपूर्ण अर्थ प्रदान कर सकता है। वह प्रत्येक व्यक्ति जो गुणवत्ता और मूल्यों के उच्च आदर्शों को आत्मसात करता है और मूल्यपरक जीवन जीते हुए समाज और पर्यावरण के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करता है, अनुकरणीय है, धन्यवाद का पात्र है। वार्षिक पुरस्कार वितरण, और संस्थान गीत के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, अध्यापकों, दयालबाग समुदाय के लोग और जन सामान्य मौजूद रहे। कार्यक्रम का प्रसारण डीईआई के देश विदेश के 379+_1 केंद्रों पर ई- कॉसकेड के जरिए किया गया।