आगरालीक्स…आगरा में मूर्ति विसर्जन हादसे में जीवित बचे विष्णु ने बताया—कैसे हुआ हादसा…एक साथ कैसे डूब गए बाकी 12 युवक
आगरा के खेरागढ़ स्थित उटंगन नदी में दशहरा वाले दिन मूर्ति विसर्जन के दौरान गांव कुसियापुर के 13 युवक डूब गए. इनमें से एक युवक विष्णु को गांव वालों ने किसी तरह बचा लिया और उसे बाहर निकाल लिया. अभी तक पांच युवकों की लाश नदी में से मिल चुकी है जबकि 60 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी 7 अन्य युवकों का कोई पता नहीं चल सका है. पैरा मिलिट्री फोर्स के साथ, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ इस रेस्क्यू में लगी हुई है. हर संभव कोशिश की जा रही है लेकिन दुर्भाग्य से अभी तक सातों युवकों का नदी में कुछ भी पता नहीं चला है.
जीवित बचे विष्णु ने बताया कैसे हुआ हादसा
इस दर्दनाक हादसे में जीवित बचे गांव के विष्णु ने हादसे की भयावह जानकारी दी. विष्णु ने बताया कि कह और गांव के अन्य युवक माता की मूर्ति लेकर नदी में विसर्जन के लिए गए थे. पानी कमर तक था और सभी मिलकर मूर्ति को आगे बढ़ा रहे थे. तभी अचानक एक गहरा गड्ढा आ गया और देखते ही देखते सभी लोग उसमें समा गए. विष्णु ने किसी तरह उछाल मारी, तभी किनारे खड़े गांव के ही रिंकू ने तैर कर उसका हाथ पकड़ लिया ओर उसे बाहर खींच लाया. विष्णु ने ये भी बताया कि इस स्थान पर पहले कभी मूर्ति विसर्जन नहीं किया गया था. गहराई का कोई अंदाजा नहीं था. गड्ढों के कारण यह दर्दनाक हादसा हुंआ है.
पानी की दिशा को किया जा रहा परिवर्तित
शेष बचे 07 युवकों की तलाश हेतु स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन तथा नगर पंचायत खेरागढ और स्थानीय नागरिकों की मदद से घटनास्थल से करीब 200 मीटर ऊपर से 7 जेसीबी मशीनों द्वारा नाला खोदकर पानी की दिशा को परिवर्तित किया जा रहा है. बांध बनाकर घटनास्थल से पानी के प्रवाह को रोक कर, घटनास्थल से पंप सेटों से पानी निकालने का कार्य किया जा रहा है, ताकि शेष डूबे हुए युवकों को जल्द बाहर निकाला जा सके. सेना की 50 पैरा ब्रिगेड की यूनिट 411 पैरा फील्ड कम्पनी, NDRF, SDRF की टीमें, फ्लड कम्पनी पीएसी की टीमें तथा स्थानीय पुलिस द्वारा स्थानीय गोताखोरों से रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार चलाया जा रहा है। शेष डूबे हुए व्यक्तियों के शवों की तलाश हेतु हर संभव प्रयास किया जा रहा है.