आगरालीक्स…आगरा के उजाला सिग्नस रेनबो अस्पताल में हुई एनएबीएच पर कार्यशाला. डॉ. लक्ष्मीप्रिया एस ने कहा कि गुणवत्ता अब विकल्प नहीं, आवश्यकता बन चुकी है, इन्हीं पर टिका है मरीजों का भरोसा
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए बुधवार को उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल में एनएबीएच एंट्री लेवल सर्टिफिकेशन पर आधारित एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया और एनएबीएच द्वारा जेएचपाइगो के सहयोग से आयोजित की गई, जिसमें अस्पतालों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देने और एनएबीएच मान्यता की प्रक्रिया को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। उजाला सिग्नस आगरा का प्रथम पूर्ण एनएबीएच प्रमाणित चिकित्सालय है।इस मौके पर एनएबीएच की असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. लक्ष्मीप्रिया एस ने कहा कि गुणवत्ता अब विकल्प नहीं, आवश्यकता बन चुकी है। मरीजों का विश्वास उन्हीं संस्थानों पर टिका है जो विश्वसनीय और बेहतर सेवाएं प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि एनएबीएच से मान्यता के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता जरूरी है।
उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक एवं प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा ने ‘गुणवत्ता यात्रा’ पहल की जानकारी दी, जिसे विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को सशक्त करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि फोगसी और ‘मान्यता’ कार्यक्रम एनएबीएच एंट्री लेवल सर्टिफिकेशन में अस्पतालों को मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान ‘मान्यता’ और एनएबीएच की साझेदारी के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के प्रयासों को रेखांकित किया गया। इसके अलावा, स्किल्ड बर्थ अटेंडेंट्स (एसबीए) से जुड़े व्यवहारिक अनुभवों और चुनौतियों पर भी संवाद हुआ।
रेनबो आईवीएफ की एमडी एवं बांझपन एक्सपर्ट डॉक्टर जयदीप मल्होत्रा ने बताया कि इस कार्यशाला ने न सिर्फ गुणवत्ता अभियान को सशक्त किया, बल्कि स्वास्थ्य संस्थानों को प्रमाणन की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दी। एनएबीएच और ‘मान्यता’ की संयुक्त पहल, भारत को एक स्वास्थ्य समृद्ध राष्ट्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है।आपको बता दें कि डॉक्टर नरेंद्र मल्होत्रा और डॉक्टर जयदीप मल्होत्रा फ़ोगसी के अध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में स्मृति सीएसई के डायरेक्टर इंचार्ज हैं। स्मृति सीएसई उत्तर भारत का फोगसी मान्यता से स्वीकृत है। मान्यता प्रोग्राम फ़ोगसी द्वारा संचालित प्रोग्राम है। फ़ोगसी की सेंटर इंचार्ज डॉक्टर हेमा दिवाकर, डॉक्टर पाई, डॉक्टर अमाया पुरंदरे हैं। इस अवसर पर ट्रेनर डॉक्टर निहारिका मल्होत्रा,, डॉक्टर मनप्रीत शर्मा, डॉक्टर शैमी बंसल, प्रोफेसर सरोज, डॉक्टर अनुपम गुप्ता, डॉक्टर निधि गुप्ता, डॉक्टर शारदा जैन, डॉक्टर रुचिका गर्ग, डॉक्टर नीरजा सचदेव, डॉक्टर मित्रा सक्सेना के अलावा डॉक्टर डीवी शर्मा, नीलकमल श्रीनिवास, डॉक्टर परवेज मेमन, डॉक्टर सपना सुरेंद्रन, डॉक्टर निर्मला यादव आदि मौजूद रहे।