आगरालीक्स….Agra News: आगरा में यमुना खतरे के निशान को पार कर चुकी है, हथनी कुंड से 3.22 लाख क्यूसिक पानी छोड़ा गया है। बल्केश्वर का पार्वती घाट डूब गया है। मनोहरपुर में झोपड़ी डूबने के साथ ही कई गांवों में फसलें जलमग्न हो गई हैं। ( Agra News: Yamuna Water level constantly increasing in Agra, Alert#Agra )
आगरा में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, 495 फीट पर खतरे का निशान है, यमुना खतरे के निशान को पार कर चुकी है और यमुना का जलस्तर 497 फीट तक पहुंच चुका है। इससे बल्केश्वर के पार्वती घाट और मनोहपुर की झोपड़ी डूब गईं। तनोरा नूरपुन, डौकी क्षेत्र के यमुना किनारों के गांवों में फसलें जलमग्न हो गई हैं। सोमवार रात नौ बजे यमुना का जलस्तर 151.310 मीटर पर पहुंच गया था जबकि अलर्ट लेवल 151.400 मीटर और डेंजर लेवल 152.400 मीटर है।
कई बार में 3.22 लाख छोड़ा गया पानी
हथनी कुंड, सहारनपुर से कई बार में 3.22 लाख क्यूसिक पानी छोड़ा गया है, यह पानी आगरा में पांच सितंबर तक पहुंचेगा, उस दौरान यमुना का जलस्तर और बढ़ जाएगा। इससे यमुना किनारे दयालबाग और बल्केश्वर क्षेत्र में बनी कॉलोनियों में पानी पहुंच सकता है।
कंट्रोल रूम स्थापित किया गया
बाढ़ की स्थिति से निपटने हेतु जनपद स्तर पर कन्ट्रोल रूम मोबाइल नं0 0562-2260550 एवं 09458095419, 24 घण्टा है संचालित। अपर जलाधिकारीशुभांगी शुक्ला ने शहरवासियों एवं ग्रामवासियों से अपील की है कि जरूरी कागजात जैसे राशन कार्ड, पासबुक, आधार कार्ड को वॉटरफूफ बैग में रखें। क्लोरिन, ओ.आर.एस. तथा आवश्यक दवाइयां प्राथमिक उपचार किट मे रखें, सूखे अनाज व मवेशियों के चारे को किसी ऊँचे स्थान पर सुरक्षित रखें। बाढ़ की चेतावनी मिलते ही गर्भवती महिलाओं, बच्चों, वृद्ध, दिव्यांगजन एवं बीमार व्यक्तियों को तुरन्त तहसीलों द्वारा स्थापित किये गये बाढ़ शरणांलयों में शरण ले। उबला हुआ या क्लोरिन युक्त पानी का उपयोग करें।बिजली का मुख्य स्विच व गैस रेगुलेटर को बन्द रखें, बाढ़ के सम्पर्क में आयी खाद्य सामग्रियों का सेवन न करें। डूबे हैंडपम्प के पानी का उपयोग न करें। पानी के किनारे न जाये, जरूरत मद चीजों को ऊँचे स्थान पर रखे।