आगरालीक्स…आगरा के एसएन में 9 साल के बच्चे को मिली जिंदगी. जटिल ब्रेन ट्यूमर से जूझ रहा था बच्चा. सफल आपरेशन कर डॉक्टरों ने बचाई जान
एसएन मेडिकल कॉलेज के न्यूरोसर्जरी विभाग ने चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 9 वर्षीय बच्चे के जटिल ब्रेन ट्यूमर का सफल ऑपरेशन किया है। बच्चे के मस्तिष्क में मौजूद अत्यंत दुर्लभ और जटिल क्रैनियोफैरिंजियोमा ट्यूमर की आधुनिक तकनीक से स्कल बेस सर्जरी की गई। सर्जरी के बाद बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ गौरव धाकरे (न्यूरोसर्जन) ने बताया कि क्रैनियोफैरिंजियोमा मस्तिष्क के सबसे कठिन ट्यूमर में से एक होता है, जिसकी सर्जरी तकनीकी रूप से अत्यंत चुनौतीपूर्ण होती है, विशेषकर कम उम्र के बच्चों में।
एस एन मेडिकल कॉलेज के न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉ. मयंक अग्रवाल (न्यूरोसर्जन) ने बताया कि यह ट्यूमर मस्तिष्क की महत्वपूर्ण रक्त नलिकाओं और नसों से अत्यधिक चिपका हुआ था, जिससे ऑपरेशन के दौरान विशेष सावधानी और सूक्ष्म तकनीक की आवश्यकता पड़ी। एस एन मेडिकल कॉलेज के न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉ. तरुणेश शर्मा (न्यूरोसर्जन) ने कहा कि इस प्रकार के ट्यूमर के सफल उपचार के लिए ऑपरेशन से पहले, दौरान और बाद का प्रबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, जो केवल मजबूत टीम वर्क से ही संभव हो पाता है। इस जटिल सर्जरी को एस एन मेडिकल कॉलेज के न्यूरोसर्जरी विभाग की विशेषज्ञ टीम द्वारा सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया, जिसमें डॉ. राहुल सिंह एवं डॉ. ललित कुमार की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया विभाग की टीम ने अहम योगदान दिया। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. मिहिर गुप्ता, डॉ. लवप्रिया तथा डॉ. प्रभा ने ऑपरेशन के दौरान मरीज का कुशलतापूर्वक एनेस्थेटिक प्रबंधन किया। सर्जरी के बाद उत्पन्न हार्मोनल असंतुलन से जुड़ी जटिलताओं का सफल प्रबंधन एंडोक्रिनोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. धर्मेंद्र तिवारी द्वारा किया गया। ऑपरेशन के पश्चात बच्चे को SS ICU में रखा गया, जहाँ SS ICU के इंचार्ज डॉ. अतिहर्ष अग्रवाल के नेतृत्व में 24 घंटे सतत निगरानी और गहन चिकित्सा देखभाल की गई।कॉलेज के प्रिंसिपल एवं डीन डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि यह उपलब्धि संस्थान की आधुनिक सुविधाओं, अनुभवी चिकित्सकों और समन्वित टीम वर्क का प्रमाण है। बच्चे को आगे के उपचार एवं नियमित फॉलो-अप के लिए रेडियोथेरेपी विभाग में रेफर किया गया है।