आगरालीक्स…आगरा में ठिठुरन भरी सर्दी पर भारी आस्था का ज्वार. नववर्ष के पहले दिन गुरुद्वारा गुरु का ताल में उमड़ा जन सैलाब…गुरु महाराज के चरणों में माथा टेकने को पहुंचे हजारों श्रद्धालु. चखा लंगर
नव वर्ष के पहले दिन 1 जनवरी 2026 को गुरुद्वारा गुरु का ताल में सुबह से ही लोगों की आवाजाही शुरू हो गई ।नव वर्ष की शुरुआत अपने गुरु के चरणों में माथा टेकने कि उम्मीद लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु गुरुद्वारा गुरु का ताल पहुंचे। सुबह से ही संगत की जो आवाजाही शुरू हुई जो देर रात तक निरंतर चलती रही थी । ठिठुरन भरी सर्दी और बूंदाबांदी के सामनेश्रद्धा और भावना लिए लोग गुरुद्वारा गुरु का ताल पहुंचे और गुरु महाराज के चरणों में माथा टेका। पिछले कुछ वर्षों से निरंतर 1 जनवरी को गुरुद्वारा गुरु का ताल आने वाले जन सैलाब को देखते हुए गुरुद्वारा गुरु का ताल की ओर से विशेष व्यवस्थाएं पहले से ही की गई थी। माथा टेकने के लिए आने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जगह-जगह बैरी गेटिंग लगाई गई थी तो वहीं लंगर के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए थे ।

गुरुद्वारा गुरु का ताल के मौजूदा मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह जी ने बताया कि आने वाली संगत की संख्या को देखते हुए गुरुद्वारा परिसर संगत के लिए माथा टेकने के लिए बैरिकेडिंग लगाई गई थी और थोड़ा-थोड़ा थोड़ी-थोड़ी संख्या में ही श्रद्धालुओं को दरबार साहिब में माथा टेकने के लिए प्रवेश कराया जा रहा था । वही लंगर के लिए भी बड़ा बदलाव किया गया था मुख्य लंगर हॉल को के बजाय लंगर की व्यवस्था भाई नंदलाल दीवान हॉल में की गई थी ।यह भी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वेरी गेटिंग लगाकर लोगों को सीमित संख्या में ही प्रवेश कराया जा रहा था। गुरुद्वारा गुरु का ताल में लगभग डेढ़ सौ की संख्या में सेवादार सुबह से लेकर देर शाम तक व्यवस्थाओं में जुटे नजर आए। दरबार हॉल की व्यवस्थाएं ग्रंथि हरबंस सिंह सुशील सिंह ,अजायब सिंह टीटू ने संभाली तो वही लंगर तैयार करने की व्यवस्था बाबा अमरीक सिंह और वितरण की व्यवस्था जत्थेदार राजेंद्र सिंह इंदौरिया, महत्व हरपाल सिंह और जोगा सिंह ने संभाली। संगत के लिए नववर्ष के उपलक्ष में विशेष तौर पर कड़ी ,चावल ,दाल, आलू की सब्जी ,रोटी और पूरी के साथ-साथ मिष्ठान आदि की भी व्यवस्था की गई थी।