आगरालीक्स… आगरा में एक अकेला डॉक्टर सुबह सुबह, साइकिल पर आगे पौधे रखकर निकलते हैं, उस चेहरे की तलाश में जो पौधों की कद्र कर सके, उन्हें पौधा गिफ्ट करते हैं और आगे बढ जाते हैं। यह वे हर रोज करते हैं, उनकी मुहिम रंग लाने लगी है, साइकिल वाले डॉक्टर को देख लोग अपने मनपसंद पौधे की डिमांड करने लगे हैं।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, आगरा के साइंटिफिक सेक्रेटरी डॉ राजकुमार गुप्ता ने लोगों को स्वस्थ्य और खुश रखने के साथ शहर को हरा भरा रखने की मुहिम छेड रखी है। वे सुबह सुबह साइकिल से सफर शुरू करते हैं। साइकिल के आगे कुछ पौधे रखते हैं, इसके बाद तलाश शुरू हो जाती है कि ये पौधे किसे दिए जाएं जो इनकी कीमत समझ सके और पौधे से पेड तैयार करे। कभी कभी तलाश एक घंटे में पूरी हो पाती है, ये उस व्यक्ति को पौध देता हैं और कहते हैं कि अब यह आपकी अमानत है।
अम्मा को दिया अमरूद
डॉ राजकुमार गुप्ता साइकिल से पौधे लेकर मिशन हरियाली पर थे, चाय का खोखा चलाने वाली अम्मा ने उनसे कहा कि कोई फल का पौधा दो, जिससे उस पर फल आएं और मेरे नाती नातिन उन्हें खा सकें। बुधवार को वे अमरूद का पौधा लेकर अम्मा के पास पहुंचे, उन्हें पौधा भेट किया, अम्मा के चेहरा खिलखिलाने लगा, मानो पौधे पर अमरूद आ गए हों और वे अपने नाती और नातिन से कह रही है कि जो मेरी बात मानेगा उसे ज्यादा अमरूद मिलेंगे। यह जिंदगी के रंग हैं, इन रंगों से जिंदगी सींचने का काम डॉ राजकुमार गुप्ता लंबे समय से आगरा में कर रहे हैं। वे आईएमए के कार्यक्रम में भी साइकिल से ही जाते हैं और हां साइकिल चलाते समय हेलमेट भी लगाते हैं।