आगरालीक्स..प्लेन क्रैश की ये कहानियां आपको रुला देंगी…डॉक्टर परिवार की आखिरी सेल्फी, मंगेतर के साथ ली आखिरी सांस. चार महीने पहले शादी हुई पति—पत्नी की मौत तो जुड़वां बच्चों और सात महीने की प्रेग्नेंट की भी गई जान
अहमदाबाद में गुरुवार दोपहर को एयर इंडिया का विमान क्रैश हो गया. इस विमान में 12 क्रू मेंबर सहित 242 लोग सवार थे. हादसे में 241 लोग मारे गए जिनमें 169 भारतीय, 52 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक था. हादसे में सिर्फ एक व्यक्ति रमेश विश्वास ही जिंदा बचे हैं वो भी चमत्कारिक ढंग से. उन्हें खुद विश्वास नहीं है कि वो जिंदा हैं. इस हादसे ने कई लोगों के सपनों को तोड़ दिया तो कईयों की जिंदगी में आजीवन का गम दे दिया हैं..जानिए वो कहानियां
डॉक्टर दंपत्ति और तीन बच्चों की मौत
राजस्थान के बांसवाड़ा के डॉक्टर दंपत्ति डॉ. कोमी व्यास और डॉ. प्रतीक जोशी अपने तीन बच्चों प्रद्युत, मिराया और नकुल के साथ विमान में बैठे थे. सभी लोग लंदन शिफ्ट करने जा रहे थे. परिवार ने विमान में अपनी एक सेल्फी भी ली जिसमें सभी लोग शामिल थे लेकिन ये सेल्फी इनके जीवन की आखिरी सेल्फी हो गई.

4 महीने पहले हुई शादी, पति से मिलने जा रही थी लंदन
राजस्थान के बालोतरा जिले की रहने वाली खुशबू कंवर अपने पति से मिलने के लिए लंदन जा रही थीं. उनके पति वहां डॉक्टर हैं. खुशबू की शादी चार महीने पहले ही हुई थी. उनका एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें वह अपने घर से एयरपोर्टके लिए रवाना होते हुए सभी से मिल रही हैं और भावुक नजर आ रही हैं.

लंदन घूमने जा रहे थे भाई बहन
उदयपुर के मार्बल व्यवसायी संजीव मोदी का बेटा शुभ अपनी बहन शगुन के साथ प्लेन में सवार थे. वे लंदन घूमने जा रहे थे. भाई बहन एमबीए करने के बाद पिता का बिजनेस संभाल रहे थे. लेकिन प्लेन हादसे में दोनों की मौत हो गई.

7 महीने की गर्भवती थी जीनल, पति के साथ जा रही थी
अहमदाबाद जिले के केलिया वासना गांव के रहने वाले वैभव पटेल अपनी पतनी जीनल के साथ लंदन जा रहे थे. वैभव करीब तीन साल से लंदन में ही रह रहे थे. 30 मई को परिवार की एक शादी में शामिल होने के लिए दोनों अहमदाबाद आए थे. जीनल पटेल सात महीने की गर्भवती थीं और शादी की रस्में पूरी करने के बाद दोनों लंदन लौट रहे थे.

पत्नी के साथ जा रहे थे लंदन
गुजरात के गांधी नगर में रहने वाले गौरव ब्रहृमभट्ट लंदन की एक दवा कंपनी में जॉब करते थे. गौरव पत्नी कल्याणी के साथ लंदन जा रहे थे, लेकिन हादसे का शिकार हो गए. इनके दो बच्चे 16 साल की बेटी और 12 साल का बेटा है जो कि अहमदाबाद में ही रहकर पढ़ाई कर रहे हैं. गौरव तीन बहनों के इकलौते भाई थे.

मंगेतर के साथ ली आखिरी सांस
गुजरात के गढडा तालुका के अडतला गांव में रहने वाले हार्दिक देवराजभाई लंदन में अमेजन में जॉब करते थे. वो दो सालों से लंदन में रह रहे थे. लंदन में ही रहने वाली विभूति से उनकी एक महीने पहले ही सगाई हुई थी. सगाई के लिए दोनों गांव आए थे और गुरुवार को दोनों लंदन वापस लौट रहे थे.

पत्नी के अंतिम संस्कार की रस्में करने आए थे भारत
मूल रूप से सूरत के रहने वाले अर्जुन पटोलिया अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ 2009 से लंदन में रहे रहे थे. वे लंदन में एक की चेन कंपनी में काम करते थे. पिछले ीन सालों से उनकी पत्नी भारती सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित थीं और बीती 23 मई को भारती की मौत हुई थी. उनका अंतिम संस्कार लंदन में ही किया गया था लेकिन अर्जुन पत्नी के अंतिम संस्कार के बाद भारत भी रस्में पूरी करने आए थे.

चार महीने पहले हुई थी शादी
गुजरात के बनासकांठा जिले के थाराव गांव में रहने वाले कमलेशभाई चौधरी पत्नी धापूबेन के साथ लंदन जा रहे थे. कमलेश ब्रिटेन में ही जॉब करते थे और शादी के लिए पिछले पांच महीनों से गांव में थे. दोनों की शादी को चार महीने ही हुए थे और अब पति—पत्नी ब्रिटेन जा रहे थे.