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शुक्रवार रात्रि में करीब दो बजे पेडियाट्रिक इमरजेंसी में खैर के सोमना रोड, सुभाष चौक निवासी करीब ढ़ाई माह के अरहन पुत्र अली का उपचार चल रहा था। सीएमओ डॉ. जैदी का कहना है कि बच्चा डायरिया एवं सांस की बीमारी से पीड़ित था। उसके साथ करीब 15-20 तीमारदार वार्ड में मौजूद थे। आरोप है कि बच्चे की हालत खराब होने पर तीमारदारों ने बच्चे का उपचार कर रहे रेजीडेंट डॉक्टर डॉ. जफर इकबाल एवं डॉ. अम्मर जावेद के साथ मारपीट कर दी। दोनों डॉक्टर किसी तरह जान बचाकर भागे। डॉक्टरों को बचाने के लिए सुरक्षा गार्ड तक नहीं पहुंचे। इसकी खबर मिलने के बाद जेएन मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट डॉक्टर आक्रोशित हो गए। शनिवार को जनरल बॉडी कर 24 घंटे के लिए कार्य बहिष्कार का ऐलान कर दिया।
इसकी सूचना मिलते ही मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया। इमरजेंसी में नए मरीजों की भर्ती बंद कर दी गई। देखते-देखते इमरजेंसी एवं वार्ड तथा ओपीडी में सन्नाटा पसर गया। एक्सीडेंट में घायल होकर उपचार के लिए आए विजयगढ़ के राम किशन को परिजन दूसरे अस्पताल में लेकर भागे। उपचार के लिए भुजपुरा से आए बुजुुर्ग इमरजेंसी के सामने दर्द से तड़पते रहेे। कई गंभीर मरीजों को उनके तीमारदार रोते-बिलखते वापस ले गए। दूर-दूर से आए मरीज एवं उनके तीमारदार ज्यादा परेशान हुए। हड़ताल के कारण मेडिकल रोड व एएमयू तिब्बिया कॉलेज में भी मरीजों की संख्या बढ़ गई। रेजीडेंट डॉक्टर दोषियों की गिरफ्तारी एवं सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
ठप हुईं स्वास्थ्य सेवाएं
जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने से मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गई हैं। तीमारदार मरीजों को वापस ले जा रहे हैं।
रेजीडेंट डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने के बाद नए मरीजों की भर्ती बंद कर दी गई है। मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक प्रो. एम हैरिस खान ने बताया कि अभी आधे सीनियर टीचर गर्मी की छुट्टी पर है और आधे ड्यूटी कर रहे है। पहले से ही करीब 600 से अधिक मरीज अस्पताल में भर्ती है। ऐसे में परेशानी तो है लेकिन हमलोग उसे संभालने का प्रयास कर रहे हंै।
करें गिरफ्तार
जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. ताबिश खान, उपाध्यक्ष डॉ. मुजाहिद अली खान एवं संयुक्त सचिव डॉ.एम सोफि ने डॉक्टरों की पिटाई करने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर अविलंब गिरफ्तार करने की मांग की है। एसोसिएशन ने सुरक्षा अधिकारी को निलंबित करने तथा सीएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने की मांग की है। रेजीडेंट डॉक्टर खासकर इस बात से बेहद नाराज है कि डॉक्टरों को बचाने कोई सुरक्षा गार्ड तक नहीं पहुंचा। धैर्य खो चुके तीमारदारों के पास हथियार होता तो वहां कुछ भी हो सकता था। डॉक्टर जेएन मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा का विशेष इंतजाम करने की भी मांग कर रहे है ताकि आए दिन होने वाले घटनाओं पर रोक लग सके। उपाध्यक्ष डॉ. मुजाहिद ने कहा कि सिर्फ रेजीडेंट डॉक्टर हड़ताल पर गए है। सीनियर डॉक्टर अस्पताल संभाल सकते है। हमलोग रविवार को सुबह 8 बजे जीबीएम कर आगे की रणनीति तय करेंगे।
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