आगरालीक्स …..आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में सीनियर डॉक्टर द्वारा अपने जूनियर से मरीज को मारने के लिए कहने के तथाकथित आॅडियो पर हेड डॉ श्वेतांक प्रकाश को सस्पेंड कर दिया गया है और जांच कमिश्नर को सौंपी गई है।
आगरा के खंदारी क्षेत्र निवासी टीकम सिंह अपने 18 वर्षीय बेटे मुकेश के पेट में दर्द होने पर सात अक्टूबर रात 10 30 बजे एसएन इमरजेंसी लेकर पहुंचे। कमरा नंबर 115 के जूनियर डॉक्टरों ने केस मेडिसिन का बताते हुए उसे मेडिसिन में भर्ती करने के लिए कह दिया, मेडिसिन में लेकर पहुंचे तो भर्ती नहीं किया। दर्द से कराहते मुकेश की तबीयत बिगडने पर टीकम सिंह के भतीजे ने इमरजेंसी में बोर्ड पर लिखे नंबर पर फोन मिला दिया। यह नंबर सर्जरी विभाग के हेड डॉ श्वेतांक प्रकाश का था। उन्होंने जूनियर डॉक्टर से बात कराने के लिए कहा, जूनियर डॉक्टर से मरीज भर्ती करने के लिए कहते हुए कहा कि मरने के लिए भर्ती कर लो, मार डालो, अगले दिन आठ अक्टूबर को मरीज की मौत हो गई। उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया, इसके बाद टीकम के भतीजे ने मोबाइल की रिकॉडिंग सुनी तो उनके होश उड गए। इस मामले में नौ अक्टूबर को विधायक योगेंद्र उपाध्याय के साथ टीकम सिंह ने थाना एमएम गेट में तहरीर दी और डॉक्टरों पर गलत इंजेक्शन लगाने से उनके बेटे मुकेश की मौत के आरोप लगाए हैं।

इस मामले में महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा कार्यालय और शासन ने एसएन प्रशासन से रिपोर्ट मांगी। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए जांच के लिए गठित की गई तीन सदस्यीय कमेटी का हवाला दिया गया। 12 अक्टूबर (मंगलवार ) को सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए गए। डीजीएमई डॉ वीएन त्रिपाठी ने मीडिया को बताया कि सर्जरी विभाग के हेड डॉ श्वेतांक प्रकाश को सस्पेंड कर दिया गया है, इस मामले की जांच कमिश्नर को सौंपी गई है। इस मामले में डीएम गौरव दयाल ने एडीएम सिटी को जांच सौंपी है। एसएन प्रशासन ने डॉ अजय अग्रवाल, डॉ जूही सिंघल और डॉ हिमांशु यादव की कमेटी गठित की है।

मोबाइल में रिकार्ड हुई बातचीत
टीकम – लो बड़े डाक्टर साहब से बात करो।
सीनियर डाक्टर – हेलो…कौन बोल रहे हैं।
टीकम – डाक्टर साहब 115 नंबर वाले हमारे मरीज को ले नहीं रहे ।
सीनियर डाक्टर – बात कराओ, कौन डाक्टर है?
टीकम ने फोन जूनियर डाक्टर को दिया। सीनियर से बात शुरू।
सीनियर डाक्टर – हां, क्या प्रॉब्लम है, बताओ?
जूनियर डाक्टर – सेप्टिक ब्लीडिंग अल्सर का मरीज है, हीमोग्लोबिन है नहीं।
सीनियर डाक्टर – मेडिसिन, सर्जरी विभाग कही भी एडमिट कर लो, मरने के लिए, पता नहीं कहां कहां से…ब्लड लिख दे, चाहें मार डालो इसे, एडमिट जरूर कर लो।
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