आगरालीक्स(11th September 2021 )… बलदेव छठ कल है. ब्रज के राजा दाऊ जी मंदिर में लगेगा विशाल मेला.
ब्रज में उल्लास के साथ मनाया जाता है
अलीगढ़ के पंडित हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि बलदेव छठ रविवार को है। बल्देव छठ का संबंध बलराम जी से है। भाद्रपदशुक्ल पक्ष की षष्ठी 12 सितंबर 2021 को ब्रज के राजा और भगवान श्रीकृष्ण के अग्रज बलदेव जी का जन्मदिन ब्रज में उल्लास के साथ मनाया जाता है। ‘देवछठ’ के दिन दाऊजी में विशाल मेला आयोजित होता है। दाऊजी के मन्दिर में विशेष पूजा और दर्शन होते हैं। उन्होंने बताया कि इस दिन मंदिर में पहले से ही तैयारियां शुरू हो जाती हैं। लोग दूर—दराज से ब्रज के राजा के दर्शन करने पहुंचते हैं।
यह है पौराणिक कथा
ब्रज के राजा दाऊजी महाराज के जन्म के विषय में ‘गर्ग पुराण’ के अनुसार देवकी के सप्तम गर्भ को योगमाया ने संकर्षण कर रोहिणी के गर्भ में पहुंचाया। भाद्रपद शुक्ल षष्ठी के स्वाति नक्षत्र में वसुदेव की पत्नी रोहिणी जो कि नंदबाबा के यहां रहती थीं। उनके गर्भ से अनन्तदेव ‘शेषावतार’ प्रकट हुए। इस कारण श्री दाऊजी महाराज का दूसरा नाम ‘संकर्षण’ हुआ। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि बुधवार के दिन मध्याह्न 12 बजे तुला लग्न तथा स्वाति नक्षत्र में बल्देव जी का जन्म हुआ। उस समय पांच ग्रह उच्च के थे। इस समय आकाश से छोटी-छोटी वर्षा की बूंदें और देवता पुष्पों की वर्षा कर रहे थे।
दाऊजी महाराज का नामकरण
नंदबाबा ने विधिविधान से कुलगुरु गर्गाचार्य जी से दाऊजी महाराज का नामकरण कराया। पालने में विराजमान शेषजी के दर्शन करने के लिए अनेक ऋषि, मुनि आये। ‘कृष्ण द्वैपायन व्यास’ महाराज ने नन्दबाबा को बताया कि यह बालक सबका मनोरथ पूर्ण करने वाला होगा। प्रथम रोहिणी सुत होने के कारण रोहिणेय द्वितीय सगे सम्बन्धियों और मित्रों को अपने गुणों से आनन्दित करेंगे।