आगरालीक्स ..आगरा में 108 कमल पुष्प व 108 बेलपत्र की माला से मां दुर्गा की अष्टमी पूजन के दिन विशेष संधि पूजा की गई। (बंगाली समाज) ने शंखनाद के साथ प्रारम्भ हुई 108 दीपकों से विशेष आरती में ढोल नगाड़ों और घंटे की ध्वनी ने पण्डाल के वातावरण को और भी भक्तिमय कर दिया। आरती के वक्त महिलाओं द्वारा निकाली गई उलू ध्वनी मंगलकामनाओं का संदेश दे रही थी। श्रीश्री सर्वजननी दुर्गा पूजा कमेटी (बंगाली समाज) द्वारा बल्केश्वर स्थित दुर्गा पार्क में आज अष्टमी पूजन के दिन आयोजित संधी पूजा में कुछ ऐसा ही उत्सवी माहौल था।

प्रातः पुष्पांजली के साथ बंगाल कामाख्या देवी मंदिर के पुरोहित आदिनाथ भट्टाचार्य ने अष्टमी पूजन कराया। संधि पूजन के बाद मां दुर्गा को विशेष चड़चड़ी (गड्ड की सब्जी), खीर, टमाटर की चटनी और चावल का भोग लगाया। दोपहर में विबिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन और संध्या आरती के बाद युगल नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। शनिवार को आयोजित नृत्य प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार के रूप में 11000 रुपए का पुरस्कार टच डांस एकेडमी, द्वितीय पुरस्कार 5100 रुपए का एआरएम डांस ग्रुप व तृतीय पुरस्कार 3100 रुपए का कालिंदी डांस ग्रुप का प्रदान किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से अध्यक्ष एससी जैना, सचिव तपन कुमार डे, कोषाध्यक्ष एसके चक्रवर्ती, चंदना क्रवर्ती, रत्ना मुखर्जी, नीता चटर्जी, मधुमिता चटर्जी, शान्तनु चक्रवर्ती, लिपिका चटर्जी, वेदान्त, ममता शर्मा, राहुल, अजय, अमन, सुकान्तो, आशुतोष, रवि आदि मौजूद थे।
श्रीराम ने रावण वध के पहले की थी 108 कमल से मां दुर्गा की पूजा
आगरा। 108 पुष्पों से ही मां दुर्गा के पूजन का महत्व समझाते हुए बंगाल कामाख्या देवी मंदिर के पुरोहित आदिनाथ भट्टाचार्य ने बताया किरावण वध से पहले मां दुर्गा का आशीर्वाद प्रापत् करने के ले श्रीराम ने 108 कमल पुष्प से पूजन किया था। मां ने श्रीराम के संकल्प की परीक्षा के लिए एक पुष्प कम दिया। इस पर श्रीराम ने कमल समान अपने नयन मां दुर्गा को भेंट करने के लिए वाण अपनी आंख की ओर किया। तभी मां दुर्गा ने प्रसन्न होकर श्रीराम को रावण के साथ युद्ध में विजय का आर्शीवाद दिया था।
दशमी को होगा सिन्दूर खेला
आगरा। दशमी को दोपहर 12 बजे से सिन्दूर खेला का आयोजन होगा। जिसमें महिलाएं मां दुर्गा के सिन्दूर लगाकर अपनीं मांग भर कर अखण्ड सौभाग्यवती की कामना करेंगी। मां दुर्गा के सोलह श्रंगार किए जाएंगे। इसके उपरान्त दोपहर 3 बजे बल्केश्वर घाट पर मां दुर्गा का विसर्जन किया जाएगा। नवमी के दिन दोपहर 12 बजे से भण्डारे का आयोजन किया गया है।