आगरालीक्स… आगरा में आगजनी और रेलवे ट्रैक को तोडने की कोशिश के 24 घंटे बाद यातायात पटरी से उतरा हुआ है, ताज एक्सप्रेस और लखनऊ इंटरसिटी रद कर दी गई, ट्रेनें 10 से 15 घंटे देरी से चल रही हैं। ट्रैक पर तोड़फोड़ करने वाले दो हजार अज्ञात बलवाइयों के खिलाफ जीआरपी कैंट थाने में दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
सोमवार सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक आगरा-दिल्ली रेल मार्ग पर गतिमान एक्सप्रेस और मुंबई राजधानी सहित 25 से अधिक ट्रेनें रास्ते में फंसी रही थीं। उपद्रवियों ने कर्नाटक एक्सप्रेस पर पथराव किया था। यात्रियों से मारपीट की थी। राजामंडी से कैंट स्टेशन के बीच करीब दो किमी का ट्रैक क्षतिग्रस्त कर दिया था।
रेलवे ट्रैक से उपद्रवियों के हटने के बाद रात में ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ। मगर, मंगलवार को दिल्ली से आगरा आने वाली ताज एक्सप्रेस और लखनऊ इंटरसिटी रद कर दी गईं। झांसी, दिल्ली और कानपुर की ओर से आने वाली 18 से अधिक ट्रेनें आठ से 10 घंटे की देरी से आईं।
ये ट्रेनें चल रहीं लेट
झांसी की ओर जाने वाली ट्रेनों में छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस (18238) आठ घंटे लेट, दिल्ली-आगरा छावनी पैसेंजर (51902) 17 घंटे लेट, उत्कल कलिंग एक्सप्रेस आठ घंटे लेट रही। कानपुर, लखनऊ व इलाहाबाद की ओर जाने वाली 13239 कोटा-पटना 12 घंटे लेट रही। दिल्ली की ओर जाने वाली तूफान एक्सप्रेस चार घंटा लेट रही।
दोपहर बाद स्थिति होने लगी सामान्य
मंगलवार को आगरा में उपद्रवियों के हिंसक होने के बाद मंगलवार दोपहर बाद स्थिति सामान्य हो गई है, 16 घंटे बाद इंटरनेट सर्विस शुरू कर दी गई, शहर के बाजार खुल गए हैं। मगर, बाजारों में भीड नहीं है। घर से बाहर लोग नहीं निकले हैं। आरएएफ और स्थानीय पुलिस धाकरान, मधु नगर, ग्वालियर रोड, बिजलीघर सहित कई क्षेत्रों में तैनात की गई है।
आरएएफ और पुलिस फोर्स तैनात, बाजार खुले
शहर के दलित बाहुल्य क्षेत्रों और मार्केट में आरएएफ और स्थानीय पुलिस को लगाया गया है, सुबह से ही अधिकांश क्षेत्रों में बाजार खुल गए। मगर बाजार में भीड दिखाई नहीं दी, बहुत कम लोग ही घरों से बाहर निकले।
सोमवार को ऐसे बिगडते गए हालात
सोमवार सुबह से आगरा में सुप्रीम कोर्ट के एससी एसटी एक्ट में तुरंत गिरफ्तारी की जगह जांच के आदेश के विरोध में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। दोपहर तक हालात अराजक हो गए और हिंसक झडपे होने लगीं। दोपहर दो बजे कलक्र्टेट के पास प्रदर्शनकारियों ने स्कूल बस में आग लगा दी, पुलिस और दमकल कर्मियों ने बमुश्किल आग पर काबू पाया।
इसलिए है भारत बंद

सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश में एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए इसके तहत मामलों में तुरंत गिरफ्तारी की जगह शुरुआती जांच की बात कही है. इस आदेश में जस्टिस एके गोयल और यूयू ललित की पीठ ने कहा था कि सात दिनों के भीतर शुरुआती जांच जरूर पूरी हो जानी चाहिए. इसके विरोध में सोमवार को भारत बंद का आहवान किया गया है।