आगरालीक्स… आगरा में भारत बंद की आड में गुरल्ला तरीके से बवाल की बडी साजिश रची गई, कश्मीर की तरह युवकों ने पुलिस पर पत्थरवाजी की पुलिस की प्रारंभिक जांच में बडा खुलासा हुआ है। पुलिस द्वारा बवाल करते पकडे गए युवक नशे में थे, उन्हें कुछ नेताओं द्वारा उत्पात मचाने के लिए भेजा गया था, उन नेताओं को भी पुलिस द्वारा चिन्हित किया जा रहा है।
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में भारत बंद के लिए सडकों पर नीला और पंचशील का झंडे के साथ डंडा लेकर उतरे युवाओं ने जमकर उत्पाद मचाया। होटल और गाडियों में तोडफोड के साथ मारपीट और लूटपाट की गई। पुलिस ने रात तक 150 उपद्रवियों को अरेस्ट कर लिया। इसके साथ ही तीन थानों में 14 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। चौराहों और घर व दुकानों पर लगे सीसीटीवी से उपद्रवियों को चिन्हित किया जा रहा है।
रची गई साजिश
एसएसपी अमित पाठक ने मीडिया को बताया कि बवाल करते पकडे गए युवक नशे में थे, उन्हें कुछ नेताओं ने उत्पाद मचाने के लिए भडकाया था, उन्हें भी सीसीटीवी की मदद से चिन्हित किया जा रहा है।
उधर, सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा का कहना है कुछ शरारती तत्व भी इस आंदोलन में शामिल हो गए थे। इन लोगों ने ही माहौल बिगाड़ा है। तोड़फोड़ और आगजनी की है। इन सभी जनपदों के जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान को निर्देश दिए गए हैं कि पूरी जांच कराई जाए।
हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों से सख्ती के साथ निपटा जाए। कई जगह साफ भी हो गया है कि माहौल बिगाड़ने में बसपा और सपा ने भी बड़ी भूमिका निभाई है। जिन जनपदों में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है उससे भी इसका खुलासा हो गया है।
हिंसा वाले जनपदों में नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। रेलवे, रोडवेज को सबसे ज्यादा नुकसान बताया जा रहा है। बसों को जलाया गया है। ट्रेनों के न चलने से रिजर्वेशन केंसिल हो गए हैं।
दोपहर बाद स्थिति होने लगी सामान्य
मंगलवार को आगरा में उपद्रवियों के हिंसक होने के बाद मंगलवार दोपहर बाद स्थिति सामान्य हो गई है, 16 घंटे बाद इंटरनेट सर्विस शुरू कर दी गई, शहर के बाजार खुल गए हैं। मगर, बाजारों में भीड नहीं है। घर से बाहर लोग नहीं निकले हैं। आरएएफ और स्थानीय पुलिस धाकरान, मधु नगर, ग्वालियर रोड, बिजलीघर सहित कई क्षेत्रों में तैनात की गई है।
आरएएफ और पुलिस फोर्स तैनात, बाजार खुले
शहर के दलित बाहुल्य क्षेत्रों और मार्केट में आरएएफ और स्थानीय पुलिस को लगाया गया है, सुबह से ही अधिकांश क्षेत्रों में बाजार खुल गए। मगर बाजार में भीड दिखाई नहीं दी, बहुत कम लोग ही घरों से बाहर निकले।
सोमवार को ऐसे बिगडते गए हालात
सोमवार सुबह से आगरा में सुप्रीम कोर्ट के एससी एसटी एक्ट में तुरंत गिरफ्तारी की जगह जांच के आदेश के विरोध में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। दोपहर तक हालात अराजक हो गए और हिंसक झडपे होने लगीं। दोपहर दो बजे कलक्र्टेट के पास प्रदर्शनकारियों ने स्कूल बस में आग लगा दी, पुलिस और दमकल कर्मियों ने बमुश्किल आग पर काबू पाया।
इसलिए है भारत बंद

सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश में एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए इसके तहत मामलों में तुरंत गिरफ्तारी की जगह शुरुआती जांच की बात कही है. इस आदेश में जस्टिस एके गोयल और यूयू ललित की पीठ ने कहा था कि सात दिनों के भीतर शुरुआती जांच जरूर पूरी हो जानी चाहिए. इसके विरोध में सोमवार को भारत बंद का आहवान किया गया है।
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