आगरालीक्स…आगरा में भी है साकार भोले बाबा का मकान। श्रद्धालु टेकते हैं मत्था। एटा में व्हाइट हाउस के समीप लगा रहता है मेला।

आगरा के बंद मकान पर मत्था टेकते हैं श्रद्धालु

सिपाही से साकार बाबा बने सूरजपाल सिंह का आगरा में केदारनगर में ईएसडब्ल्यू मकान है, जिसे उनके अनुयायी बाबा की कुटिया कहते हैं, जहां वह अपनी पुलिस में तैनाती के दौरान रहता था। इस कुटिया पर लोग अब भी मत्था टेकने के लिए आते हैं।
शान-ओ-शौकत का हर इंतजाम
पटियाली-सिढ़पुरा मार्ग आश्रम की शान-ओ-शौकत उसके किलेनुमा अंदाज में बने आश्रम से दिखाई देती है। इसकी बाहरी दीवारें सफेद रंग की हैं। इसी कारण व्हाइट हाउस नाम पड़ा है।
आश्रम की दीवारों पर मत्था टेकते हैं अनुयाई
आश्रम की दीवारों की ऊंचाई इतनी है कि बाहर से कोई झांक भी न सके। बहुत से भक्त आश्रम की दीवारों पर भोले बाबा के पोस्टर लगाकर अपना मत्था टेकते हैं।
एक हेक्टेयर में फैला है आश्रम
एक हेक्टेयर क्षेत्र में फैले आश्रम की स्थापना 1992 में की गई थी। पहले खुली जमीन थी। धीरे-धीरे शाही अंदाज में निर्माण कार्य होता गया। इसी परिसर में विशाल रसोई गृह भी है। बाबा के खुद के कमांडों भी हैं, जो साकार बाबा का घेरा बनाकर चलते हैं।