
नोएडा प्राधिकरण में चीफ इंजीनियर के पद पर रहते हुए यादव सिंह ने अपने मिलने वालों की नौकरी लगवाई। आगरा और फीरोजाबाद, जहां उनकी ससुराल है, उसके नाम से पहुंचने वाले लोगों की मदद की। उन्हें मोटी कमाई भी करवाई। उन पर 954 करोड के घोटाले का आरोप है।
यादव सिंह नाम से बसपा के बाद सपा के बने चहेते
बसपा शासन काल में यादव सिंह पर सरकार महरबान रही, इसके बाद सपा सरकार आई तो यादव सिंह नाम ही काफी था, वे नोएड प्राधिकरण में कार्यरत रहे। लेकिन यादव सिंह के खिलाफ अकूत संपत्ति का मामला सुर्खियों में आ गया। सीबीआई अरबों की संपित्त के मामले में छानबीन में जुटी हुई है।
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