आगरालीक्स …भाजपा ने आगरा के सांसद राम शंकर कठेरिया और फतेहपुर सीकरी के सांसद चौधरी बाबूलाल का टिकट काट दिया है, अब वे क्या करेंगे, सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। चुनाव नहीं लडा तो राजनीति का क्या होगा, भाजपा ने टिकट नहीं दी तो क्या विकल्प हैं।
2014 के लोकसभा चुनाव में आगरा सुरक्षित सीट से दूसरी बार डॉ राम शंकर कठेरिया सांसद चुने गए थे और बडे अंतर से जीत दर्ज की थी। फतेहपुर सीकरी सीट से चौधरी बाबूलाल चुनाव जीते थे, पांच साल के कार्यकाल में दोनों ही शहर के विकास के बजाय विवादों के लिए चर्चाओं में रहे। अब इन दोनों की टिकट काट दी है।
इटावा से मिल सकता है कठेरिया को मौका
डॉ राम शंकर कठेरिया एससी आयोग के अध्यक्ष भी हैं, आगरा सुरक्षित से उनकी टिकट काट दी है। उनकी जगह एसपी सिंह बघेल को आगरा सुरक्षित सीट से प्रत्याशी घोषित किया है। चर्चाएं हैं कि डॉ राम शंकर कठेरिया को इटावा से प्रत्याशी घोषित किया जा सकता है, उनकी पत्नी म्रदुला कठेरिया को भी मौका मिल सकता है।
चौधरी बाबूलाल क्या करेंगे
फतेहपुर सीकरी से भाजपा से सांसद चौधरी बाबूलाल रालोद से चुनाव लडते रहे हैं। उनकी जगह भाजपा ने राजकुमार चाहर को प्रत्याशी घोषित किया है। सपा बसपा और रालोद के गठबंधन से पफतेहपुर सीकरी में प्रत्याशी घोषित कर दिया है। ऐसे में चौधरी बाबूलाल के पास तीन विकल्प हैं, विशेषज्ञों के अनुसार पहला विकल्प चुनाव ना लडने, दूसरा विकल्प कांग्रेस से टिकट के लिए प्रयास करने और तीसरा विकल्प निर्दलीय चुनाव लडने का है। इन तीनों विकल्पों के चौधरी बाबूलाल के राजनैतिक करियर को अलग मोड पर ले जा सकते हैं।