आगरालीक्स… आगरा में हुए बवाल के बाद बडा फैसला, भाजपा, संघ, विहिप और बजरंग दल कार्यकर्ता 5 साल तक सार्वजनिक प्रदर्शन नहीं कर सकेंगे। सूबे में भाजपा की सरकार होने के बाद इस तरह के प्रदर्शन से गलत छवि सामने आ रही है। इसे लेकर हाईकमान भी स्थानीय नेताओं से नाराजा है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आगरा में शनिवार को फतेहपुर सीकरी और उसके बाद सदर थाने में जमकर बवाल हुआ,हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने एक दरोगा की बाइक फूक दी, पिस्टल छीन ली और मारपीट की। हवालात को तोडकर आरोपियों को बाहर निकालने की कोशिश की गई, पुलिस अधिकारियों के साथ भी अभद्रता हुई। इस मामले में पुलिस ने 14 आरोपियों को जेल भेज दिया है, 50 नामजद सहित 200 पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
बैठक में लिया गया फैसला
मीडिया में यह मामला आने के बाद प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं, हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं की हरकत को सपा के गुंडाराज जैसा बताया जा रहा है, सपा, बसपा भाजपा सरकार में हो रहे बवाल पर खुलकर बोल रहीं हैं। इसे देखते हुए आगरा में हुए बवाल पर भाजपा, संघ, विहिप और बजरंग दल के पदाधिकारियों की रविवार शाम को बैठक हुई। इसमें फैसला लिया गया है कि सूबे में पांच साल तक भाजपा की सरकार है, इसे देखते हुए कोई समस्या है तो उसका निस्तारण पुलिस प्रशासन के अधिकारियों से वार्ता कर निकलवाया जा सकता है, इस तरह के प्रदर्शन की जरूरत नहीं है। इसलिए ब्रज के आगरा सहित 18 जिलों में अगले पांच साल तक सार्वजनिक प्रदर्शन नहीं किए जाएंगे।
असमाजिक तत्व कर रहे बवाल
मीडिया में विहिप के प्रांत उपाध्यक्ष सुनील पाराशर ने कहा है कि सूबे में हमारी विचारधारा की सरकार है, इसलिए कोई प्रदर्शन नहीं किया जाएगा, प्रशासनिक अधिकारियों से समस्या का निस्तारण कराया जाएगा। इस तरह के प्रदर्शन में असमाजिक तत्व बवाल करा देते हैं और छवि खराब कर रहे हैं।
Leave a comment