
कमला नगर ई ब्लॉक निवासी तरविंद्र सिंह उर्फ बॉबी 43 साल की हाथरस रोड पर डीजल इंजन की फैक्ट्री है। उनके घर पर पत्नी सुप्रीत कौर, मां मंजीत कौर और पिता गुरुदेव थे। तरविंद्र के बेटे जसकीरथ कनाडा से कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढाई कर रहे हैं, वहीं छोटे बेटे मनकीरथ दिल्ली में हैं। शुक्रवार रात नौ बजे तरविंद्र फैक्ट्री से घर पहुंचे। वे ड्राइंग रूम में बैठ गए, पत्नी चाय बनाने के लिए चली गई और उनके पिता गुरुदेव व मां अपने कमरे में थे। कुछ देर बाद ही गोली की आवाज सुनने पर परिजन ड्राइंग रूम की तरफ भागे। वहां, सोफे पर खून से लथपथ तरविंद्र पडे हुए थे, उनके पास ही उनकी लाइसेंसी रिवाल्वर थी। परिजन उन्हें लेकर जीजी नर्सिंग होम पहुंचे। इस खबर से तमाम कारोबारी हॉस्पिटल पहुंच गए, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इस घटना से लोग सकते में हैं।
दोस्त से छिपाया दर्द, पुलिस जांच में जुटी
डीजल इंजन कारोबारी की मौत की सूचना पर कारोबारी पहुंच गए। वहीं, एसपी सिटी सुशील घुले सहित पुलिस फोर्स भी पहुंच गया। नुनिहाई निवासी उनके दोस्त नरेंद्र का कहना है कि तरविंद्र उन्हें हर बात बताते थे, लेकिन उन्होंने खुद को गोली मार ली, इसके पीछे क्या चल रहा था, उन्होंने कभी नहीं बताया। एसपी सिटी सुशील घुले ने मीडिया को बताया कि सुसाइड के पीछे कारोबार में घाटा हो सकता है, इसके लिए छानबीन की जा रही है।
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