आगरालीक्स….कैबिनेट मंत्री एसपी सिंह बघेल डेढ महीने बाद ही मनहूस बंगला नंबर छह कालीदास मार्ग को छोडना चाहते हैं, यह सीएम योगी आदित्यनाथ के बंगला नंबर पांच के बगल में है लेकिन इस बंगले में जो भी रहा है, उसे अपना पद गंवाना पड़ा या फिर उसका राजनीतिक करियर ही तबाह हो गया।
भाजपा सरकार बनने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने बंगला नंबर पांच में ग्रह प्रवेश किया, मंत्रियों को 39 बंगले आवंटित किए गए। मगर, बंगला नंगर छह किसी भी मंत्री ने नहीं लिया, बसपा और सपा सरकार में जो भी बंगला नंबर छह में रहा, उसे जेल में जाना पडा है या राजनीति ही खत्म हो गई। इस अंधविश्वास को तोडने के लिए आगरा निवासी पशुधन, लघु सिचाई और मत्सय विभाग के कैबिनेट मंत्री एसपी सिंह बघेल आगे आए और उन्होंने बंगला अपने नाम से आवंटित करा लिया, अप्रैल में बंगला आवंटित होने के बाद राम नवमी पर प्रवेश किया, अपने आवास में सुंदर कांड का पाठ कराया।
डेढ महीने बाद ही बंगला छोडने का आग्रह
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अब कैबिनेट मंत्री एसपी सिंह बघेल बंगला नंबर छह छोडना चाहते हैं, उन्होंने किसी दूसरे बंगले में जाने का आग्रह किया गया। हालांकि उनका कहना है कि वह बंगला इसलिए छोडना चाहते हैं, जिससे जिन मंत्रियों का बडा परिवार है, वे इस बडे बंगले में रह सकें। उनका कहना है कि दो तीन मंत्रियों के आग्रह के बाद बंगला बदलने के लिए कहा है।
मनसूहित तो नहीं है कारण
बंगला नंबर छह को लेकर चर्चाएं हैं कि इस बंगले में रहने की वजह से अमर सिंह का सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव से झगड़ा हुआ था। यूपी में मुलायम की सरकार के दौरान अमर सिंह इसी बंगले में रहते थे, जिसके बाद दोनों का आपस में झगड़ा हो गया था और अमर सिंह को पार्टी से बाहर कर दिया गया था। बसपा सरकार में मंत्री बाबूसिंह कुशवाह को जेल जाना पडा था।
बंगला नंबर छह कालीदास मार्ग
बसपा सरकार के कद्दावर मंत्री रहे बाबू सिंह कुशवाहा भी इसी बंगले में रहते थे। इनका नाम सीएमओ मर्डर केस और उसके बाद अन्य घोटालों में आया। यही नहीं उन्हें जेल भी जाना पड़ा। फिलहाल वह जमानत पर है।
– अखिलेश के करीबी माने जाने वाले जावेद अब्द को अखिलेश के बगल में छह नंबर बंगला मिला था। अब्दी को राज्यमंत्री का दर्ज दिया गया था और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का चेयरमैन बनाया गया था। लेकिन भ्रष्टाचार के मामले में अखिलेश यादव ने उन्हें पदों से बर्खास्त कर दिया था।
– साल 2012 में जब यूपी में सत्ता बदली तो उस वक्त श्रम मंत्री वकार अहमद शाह को छह नंबर बंगला दिया गया था। वे बंगले में कुछ वक्त रहे और एक दिन अचानक उनकी तबियत खराब हो गई। इसके बाद से वे बिस्तर से उठे नहीं है। बाद में उनके परिवार ने वह बंगला खाली कर दिया था।
– कई साल पहले यह बंगला पूर्व मुख्य सचिव नीरा यादव को आवंटित किया गया था। वह नोएडा में जमीन घोटाले में अब तक जेल में हैं। पूर्व प्रमुख सचिव स्वास्थ्य प्रदीप शुक्ला भी यहां रहे और उन्हें भी एनआरएचएम घोटाले में जेल जाना पड़ा।
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